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भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी से जानेमाने कलाकार अक्षय कुमार ने की राजनीति से परे बातचीत

 

२४ अप्रैल

अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पत्रकारों को ही इंटरव्यू देते आए हैं। ऐसा पहली बार है जब किसी एक्टर ने उनका इंटरव्यू किया। खास बात ये है कि अक्षय कुमार ने पीएम मोदी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े सवाल पूछे। पीएम मोदी ने कुछ सवालों के बहुत ही मजेदार जवाब दिए। लोकसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी ने अभिनेता अक्षय कुमार को एक विशेष इंटरव्यू दिया है। इंटरव्यू में पीएम मोदी अपनी जिंदगी के उन पहलुओं पर बातचीत कर रहे हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं।  अक्षय ने मंगलवार को ट्वीट कर बताया था कि वह कुछ ‘अनोखा करने जा रहे हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया।’ उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत चुनाव के समय में ‘सुकून भरा माहौल’ देगी।

अक्षय कुमार: जब आप गुजरात के सीएम बनकर निकले थे तो आपके अकाउंट में 21 लाख थेे। हमने सुना था कि आपने अपने पैसे स्टाफ की बेटियों के नाम दे दिए थे। अगर आप बताना चाहें तो बता सकते हैं कि आपके अकाउंट में आज कितने पैसे हैं?
पीएम: विधायक बनने से पहले मेरा बैंक खाता नहीं था। विधायक बनने के बाद ही मेरा बैंक खाता खुला। मेरा स्टाफ ही मेरी सारी चीजें देखता था। उन पैसों की मुझे जरूरत नहीं थी, उसमें से कुछ पैसे मैंने सेक्रेटरी और चपरासी की बच्चियों के लिए दे दिए।

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अक्षय कुमार: आप गुजराती ही हैं ना क्योंकि गुजराती पैसे बचाने में बहुत यकीन रखते हैं लेकिन आपने तो सबकुछ दे दिया।
पीएम मोदी: बहुत साल पहले मैं ऐसे ही साधारण कपड़ों में रेलवे पर भटकता रहता था। पुणे में एक बार मैं ऐसे ही चला जा रहा था। एक ऑटोरिक्शा वाला धीरे-धीरे मेरे साथ ही चलता चला जा रहा था। मुझे कुछ अजीब लगा। मैंने उससे पूछा कि आपका ऑटो रिक्शा खराब है क्या? उसने मुझसे कहा कि आप ऑटो में बैठोगे नहीं? आप समाजवादी हो क्या? इस पर मैंने उससे कहा कि नहीं मैं अहमदाबादी हूं।

अक्षय कुमार: जैसे मैं अपने घर पर अपनी मां के साथ रहता हूं, आपका मन करता है सर कि आपकी मां, आपके भाई, आपके सारे रिश्तेदार आपके साथ घर पर रहें?
पीएम: मैं जिंदगी की बहुत छोटी आयु में सबकुछ छोड़ चुका हूं। बहुत छोटी आयु में… जैसे मेरी मां मुझे कहती है, अरे भाई मेरे पीछे तुम क्यों समय खराब करते हो। मैं गांव में रहूंगी, वहां लोगों से बातें करूंगी। मां भी देखती है कि कितना बिजी शेड्यूल है।

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अक्षय कुमार: मेरा जो अनुभव है कि गुस्सा निकाल लेना अच्छी बात है। मुझे जब गुस्सा आता है तो बॉक्सिंग बैग में मार लेता हूं या समंदर किनारे जाकर जोर से चीख लेता हूं। आपका क्या मानना है?
पीएम:
 मेरी जो 20-22 साल की ट्रेनिंग है, अच्छी चीजों से नकारात्मकता को दबाना सीखा है। चपरासी से लेकर अधिकारी तक, मुझे गुस्सा करने का अवसर नहीं मिला। अंदर तो गुस्सा होता होगा, लेकिन मैं व्यक्त करने से रोकता हूं। गुस्सा नुकसान करता है।

अक्षय कुमार: मुझे पहली मुलाकात याद है? मैंने आपको दो चुटकुले सुनाए थे, आपने भी एक सुनाया था। क्या पीएम बनने के बाद आपका ह्यूमर वही है या फिर आप कड़क हो गए हैं?
पीएम मोदी:
 काम करने-कराने का अपना तरीका है। आप किसी को झूठ बोलकर प्रभावित नहीं कर सकते। मुझे शब्दों से खेलना पसंद है। अब बातों का गलत अर्थ निकाल लिया जा सकता है। बोलने से डर लगता है कि मैं कुछ बोलूं और टीआरपी की वजह से गलत मतलब निकाल लिया जाए। परहेज करता हूं। हां, लेकिन दोस्तों के साथ हंसना-बोलना होता है।

एक सवाल में जब अक्षय कुमार ने पूछा कि आप बचपन से क्या बनना चाहते थे। अक्षय के इस सवाल पर प्रधानमंत्री ने जो जवाब दिया इसे सोचकर आप हैरान हो जाएंगे। देश के प्रधानमंत्री कभी भी राजनीति में नहीं आना चाहते थे।पीएम मोदी ने कहा बचपन से ही बड़े लोगों की जीवनी पढ़ना मेरा शौक था। फौज वालों को सैल्यूट करना अच्छा लगता था। 1962 का युद्ध हुआ तब स्टेशन पर फौज के लोगों का बहुत आदर किया जाता था। इससे ख्याल आया कि ये रास्ता देश के लिए मरने-मिटने वाला है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया मैं रामकृष्ण मिशन आश्रम में चला गया। नए-नए अनुभव होने लगे। 20 साल के आसपास की उम्र में ही बहुत घूमा, भटका और दुनिया देखी। मन में सवाल पैदा करता था और कुछ जवाब तलाशता था और भटकते-भटकते यहां तक पहुंच गया। मैं क्या बनता ये कहना कठिन लग रहा है क्योंकि जो सोचा नहीं था वो (प्रधानमंत्री) बन गया।

पीएम मोदी ने बताया- बचपन में मैंने एक अच्छी नौकरी के अलावा कुछ नहीं सोचा था क्योंकि मैं एक गरीब परिवार से था। इसलिए सोचता था बस एक अच्छी नौकरी मिल जाए।

 

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