Mon. Sep 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

काठमांडू में ६ देशों के समाजशास्त्रियों का जमघट, राजनीति में दिलचस्पी

 

५ अगस्त, काठमांडू । ६ देश के समाजशास्त्रियों का काठमांडू में जमघट हुआ है । जिसमें शनिवार से ही बहुत सारी विषयों पर चर्चाएं चल रही है । चर्चा में राज्य पुनर्संरचना, संघीयता, राजनीतिक सहभागीता ही नहीं जबकि समाजशास्त्र में भूराजनीतिक घुलन भी पाया गया है ।
चिनियाँ समाजशास्त्र संघ की अध्यक्ष प्राध्यापक ली युमेई ने ललितपुर में आयोजित समाजशास्त्रियों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पाश्चात्यों के ऊपर आरोप लगाते हुये कहा कि विश्वव्यापीकरण के नाम पर ये लोग संसार भर में गहरी को घुसपैठ (पेनिटेरेसन) कर रहे हैं । उन्होंने अपने मनतव्य में कहा कि लाभमुखी विकास मोडल अपनाने वाले पश्चिमियों ने सरकार भी अपने अनुकूल ही बनाता है । और जो ज्ञान उत्पादन करता है उसे ही सर्वश्रेष्ठ मानकर सभी को मानने कहता है ।
एकदलीय शासन व्यवस्था वाला उत्तरी पडोसी के समाजशास्त्री ने मौलिक विकास मोडल का वकालत करता रहा और दक्षिणी पडोस का समाजशास्त्री ने लोकतान्त्रिक मूल्य मान्यता पर जोड दिया । भारतीय समाजशास्त्र संघ का नेतृत्व कर सम्मेलन में सहभागी प्राध्यापक डिआर साहु ने बताया कि लोकतन्त्र को मजबुत बनाने के लिये समाजशास्त्रियों को महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिये । उन्होंने कहा कि लोकतन्त्र को मजबुत बनाने में केवल राजनीतिशास्त्रियों का ही नहीं समाजशास्त्रियों को भी सहयोग करना चाहिये ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com