Tue. Oct 22nd, 2019

अपने क्षेत्र के बिकास में लगेरहें सांसद रौनियार

रेयाज आलम ,बीरगंज, श्रावन २४ गते शुक्रवार । कहते है राजनीती में एक रास्ता बंद होता है, तो दूसरा खुल जाता है। कुछ ऐसा ही पर्सा के क्षेत्र ३ के सांसद हरिनारायण रौनियार के साथ हुआ। संसदीय चुनाव में उनकी लड़ाई  कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी और नेकपा से सांसद रहे राज कुमार गुप्ता से रही। इस त्रिकोणीय लड़ाई में सबको मात देते हुए हरिनारायण रौनियार ने ऐतिहासिक जित दर्ज किया। उनके जित ने सबको स्तब्ध कर दिया। जितने के बाद सांसद हरिनारायण रौनियार ने पर्सा के हरेक राजनितिक दल और नेता का सम्मेलन करके अगले चुनाव तक बिकास कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने आग्रह किया की सभी दल के नेता मिलकर पर्सा के बिकास में सहयोग करें, फिर जब चुनाव आए तो अपने अपने दल के पक्ष में लगे। उनके इस आह्वान की सब जगह सराहना हुई, लेकिन उनकी जित और बिकास का आग्रह कई लोगो को पसंद नहीं आया, उन्हें लगा अगर सांसद हरिनारायण रौनियार बिकास करने में सफल हो जाते है तो उन्हें कभी हराने का मौका नहीं मिलेगा। उसके बाद टांग खींचने और साजिश का सिलसिला शुरू हुआ। जिस कंपनी को वे छोड़ चुके थे,उसी कंपनी को बिवादित बनवाकर उन्हें निलंबित करवा दिया गया।
सांसद हरिनारायण रौनियार निलंबित होने के बाद भी अपने क्षेत्र के लोगो से मिलना-जुलना, उनके सुःख-दुःख में शामिल होना बंद नहीं किया। क्षेत्र के लोगो का लगाव और सहानुभूति बनी रही। इस बिच उन्होंने अपने अथक प्रयास से आगामी आर्थिक वर्ष के लिए पोखरिया नगरपालिका के वड़ा न.१,२,३,६,९, १० और सोनबर्षा के वड़ा न. १ के लिए ५०-५० लाख के लागत से बनने वाले स्वास्थ्य चौकी स्वीकृत कराया। उन्होंने भौतिक निर्माण मंत्रालय से बीरगंज पोखरिया सड़क का चौड़ीकरण, शिवबर्वा-गोबिंदपुर-निमियामाई-हसवा- आत्माराम पथ का कालोपत्रीकरण, सिरिसिया-बिरंचीबरवा सड़क का कालोपत्रीकरण, पोखरिया-बीरगंज वैकल्पिक सड़क निर्माण, अमरपट्टी-झौवा-तिलवेपुल-ड्राईपोर्ट सड़क कालोपत्रीकरण, थरुहट के सड़क पचगांवा से नौकाटोला का स्तरोन्नति करके कालोपत्रीकरण, पोखरिया-सतवरिया-बिरञ्चीबरवा सड़क कालोपत्रीकरण, गरदौल-रामनगरी-महुवन सड़क के कालोपत्रीकरण के योजना को स्वीकृत कराया। शहरी बिकास मंत्रालय से स्मार्ट सिटी निर्माण के लिए आए १अरब २० करोड़ के आलावा नाला-सड़क निर्माण के लिए ४ करोड़ अतिरिक्त रकम दिलाया।  फुलकौल- बिश्रामपुर के नारा में पुल और जगतपुर-गोबिंदपुर में झुलुङ्गे पुल को भी स्वीकृत करवाया है। जिस पर्सा जिला में बीरगंज के बाहर सड़क के एक टुकडे का कालोपत्रीकरण नहीं हुआ था वहां इतनी मत्वकांक्षी योजनाओ के स्वीकृत होने बिकास कार्य को नई उचाई मिलेगी।

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