Tue. Jan 21st, 2020

आज कुशी अमवस्या पिता को समर्पित

३० अगस्त, काठमांडू । भाद्र कृष्ण अमवस्या के दिन कुश उखाडकर पितृपक्ष में अपने मृत पितरों का तर्पण करने के लिये रखा जाता है । आज के ही दिन नेपाल में अपने पिता के लिये बच्चे विभिन्न प्रकार के मिठाई, फलफूल तथा अन्य चीजों का बन्दोवस्त कर उन्हें प्रदान करते हैं । यह परम्परा है कि बच्चे मणि माणिक्य जैसा सामान लेकर अपने पिता का दर्शन करते हैं । और दिवंगत पिता प्रति आज ही के दिन गोकर्णेश्वर में जाकर श्राद्ध तर्पण, दान करने का भी प्रचलन है । और इसी प्रकार देश के अन्य पवित्र स्थानों पर भी आज बडे ही निष्ठा व श्रद्धा के साथ अपने दिवंगत पिता को याद कर श्राद्ध तथा दान किया जाता है ।
आज ही के दिन घर घर में कुश रखकर कुश का पूजा किया जाता है । कुश तुलसी और शालिग्राम को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है । कहा जाता है कि भगवान इन्द्र ने स्वर्ग से कुश तुलसी और शालिग्राम भेजे हैं ।
ज्योतिष के अनुसार वर्ष का सभी अमवस्या पिता के लिये है परन्तु सभी में सम्भव नहीं होने के कारण कुशी अमवस्या का दिन पिता को मुख्य रुप से समर्पित किया जाता है । और दूर दूर से पिता का दर्शन करने बच्चे पिता के पास पहुंचते हैं । पिता हृदय से अपने बच्चों को आर्शीवाद देते हैं ।
Loading...

 
आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: