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भगवान शिव का वो धाम, जहाँ है दुनिया का पहला शिवलिंग

 

उत्तराखंड में अल्मोड़ा के पास स्थित भगवान शिव का धाम जागेश्वर धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह स्थान 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। यह स्थान भगवान शिव एवं सप्तऋषियों की तपोस्थली है। जागेश्वर धाम में दुनिया का पहला शिवलिंग है जहां से शिवलिंग की पूजा आरंभ हुई। इस शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है। यहां सप्त ऋषियों ने शिवलिंग की स्थापना कर आराधना की।

Jageshwar | Uttarakhand Tourism Development Board | Department of ...

जागेश्वर धाम में लगभग 250 मंदिर हैं जिनमें से एक ही स्थान पर छोटे-बड़े 224 मंदिर स्थित हैं। सभी मंदिर का निर्माण बड़ी-बड़ी शिलाओं को एक के ऊपर एक रखकर किया गया है। मुख्य मंदिर में विशाल शिवलिंग स्थापित है। इसकी दीवारों पर महामृत्युंजय मंत्र लिखा हुआ है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में जागेश्वर मंदिर में मांगी गई मन्नतें उसी रूप में स्वीकार हो जाती थीं, जिसका भारी दुरुपयोग होने लगा। आठवीं सदी में आदि शंकराचार्य यहां आए और उन्होंने इस दुरुपयोग को रोकने की व्यवस्था की।

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Jageshwar Dham - The Oldest Shiva Temple | Nav Uttarakhand

 

अब यहां सिर्फ यज्ञ एवं अनुष्ठान से मंगलकारी मनोकामनाएं ही पूरी हो सकती हैं। यह भी मान्यता है कि भगवान श्रीराम के पुत्र लव-कुश ने यहां यज्ञ आयोजित किया था, जिसके लिए उन्होंने देवताओं को आमंत्रित किया। मंदिर परिसर में देवदार का वृक्ष है जो नीचे से एक ही है लेकिन ऊपर जाकर दो भागों में विभाजित हो जाता है। इस वृक्ष को माता पार्वती और भगवान शिव का युगल रूप प्रतीक माना जाता है। यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं भगवान भोलेनाथ अवश्य पूरी करते

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