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जासूसी के आरोप में दिल्ली में चीन का नागरिक हिरासत में

 

धर्मगुरु दलाईलामा की जासूसी के आरोप में दिल्ली में चीन के नागरिक के पकड़े जाने के बाद हिमाचल में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। स्टेट सीआईडी ने प्रदेश में दलाईलामा और उनके मठ की सुरक्षा को चाक चौबंद करने के साथ ही जिलों के एसपी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी गैर भारतीय मूल के व्यक्ति की सूचना को साझा करने और हर सूचना को आला अधिकारियों के स्तर पर वेरिफाई करने के लिए कहा गया है। हिमाचल पुलिस दलाईलामा की सुरक्षा की भी समीक्षा कर रही है। सूत्रों का कहना है कि मैक्लोडगंज में दलाईलामा के मठ की सुरक्षा और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

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वहीं, सोमवार को जिला कांगड़ा में भी खूब हलचल रही। हालांकि, मामले को लेकर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां, दलाईलामा दफ्तर और निर्वासित तिब्बत सरकार के मुख्यालय के अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे। सूत्रों के अनुसार पुलिस और जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने मामले का खुलासा करने वाले दिल्ली के अधिकारियों से बातचीत की है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने कहा कि दलाईलामा की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। मैक्लोडगंज स्थित दलाईलामा दफ्तर के सचिव सेटन ने कहा कि निर्वासित तिब्बत सरकार के अधिकारी ही बयान देंगे, उनका दफ्तर इस संदर्भ में कुछ भी नहीं कहेगा।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके धर्मगुरु दलाईलामा की चीन जासूसी करवा रहा था। बावजूद इसके धर्मशाला में धर्मगुरु दलाईलामा को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फिर भी उन्हें ऐसे हालातों में और भी चौकस रहने की सख्त जरूरत है।
जपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की जासूसी मामले पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में संदिग्ध चीनी जासूस छह सालों से करोड़ों का हवाला कारोबार करता रहा। इतना ही नहीं दिल्ली के मजनू का टिला में तिब्बती लामाओं के साथ घुल-मिलकर धर्म गुरु की जासूसी भी करता रहा। बावजूद इसके निर्वासित तिब्बत सरकार और हमारी सरकारों व खुफिया एजेंसियां अरसे से अंधेरे में रहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि वे दिल्ली में भारत सरकार के

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पूर्व सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम धर्मशाला में निर्वासित तिब्बत सरकार के अधिकारियों समेत प्रदेश के आला अफसरों से भी विचार-विमर्श कर धर्मगुरु दलाईलामा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर कड़े कदम उठाने की व्यवस्था करें। उन्होंने तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वे मजनू का टिला में रहने वाले लामों की इस मामले में हुई चूक को गंभीरता से लें। शांता कुमार ने कहा कि दलाई लामा केवल तिब्बत सरकार के ही मुखिया नहीं हैं, वे इस समय पूरे विश्व में सबसे अधिक सम्मानित आध्यात्मिक नेता भी हैं।

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