Sun. May 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज ने मानवाधिकार दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया

 

बीरगंज /मिश्री लाल मधुकर । आजादी केअमृत महोत्सव के अवसर पर भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज के द्वारा मानवाधिकार दिवस के अवसर पर 10 दिसंबर को कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का बिषय था।” संसार में मानवाधिकार का महत्व, स्थिति और आवश्यकता”। इस अवसर पर वीरगंज स्कूल आफ लॉ के प्रिंसिपल चंद्रिका पटेल ने नेपाल तथा भारत के मानवाधिकार पर प्रकाश डालें। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र स्थापना के वाद दोनो देशों में मानवाधिकार हनन में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नेपाल के गत बर्ष के तथ्यांक के अनुसार 101 उजूरी पड़े थे कुछ उजूरी नहीं पड़े थे। नेपाल में मानव अधिकार उल्लंघन का अधिकांश घटना बाल विवाह, दहेज, जादू-टोना, महिनावारी के समय महिला के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ी थी। अधिकांश घटना तराई मधेश से था। अन्य सामान्य मानवाधिकार उल्लंघन जातीय द्वंद्व, साम्प्रदायिक दंगा से जुड़ा था।
अपने उद्घाटन भाषण में भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज के महा बाणिज्य दूत नीतेश कुमार ने 10 दिसंबर 1948में संयुक्त राष्ट्र महा सभा द्वारा पारित मानव अधिकार के विश्व व्यापी घोषणा पत्र ( UNDR) के प्रस्थापना तथा तीस धाराओं के वारे में जानकारी करवाये तथा मानवाधिकार के संरक्षण संबंधी लेखो को व्याख्या किए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार संरक्षण मेंसंयुक्त राष्ट्र संघऔर इसके बिशेष निकाय मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय(ओएचसीएचआर) तथा अन्य सरकार की भूमिका के वारे में उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में भारतीय बाणिज्य महादूतावास के 30अधिकारी का भी सहभागिता थीं।

यह भी पढें   बिमलेन्द्र निधि को भ्रातृ शोक

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *