Fri. Aug 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

वार्ता का बहाना करके आन्दोलन को कमजोर करने का षडयन्त्र : अध्यक्ष महतो

 

mahatoकैलास दास, जनकपुर, फागुन २ ।  सुशिल और ओली के छाती तोडकर अधिकार लेना होगा : नेता झा

सद्भावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा है कि दो तिहाई का धाक दिखाकर विगत में हुये सहमति तथा सम्झौता विपरित जाने के पक्ष में एमाले—काँग्रेस है ।
तीस दलीय मोर्चा द्वारा शनिवार जनकपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होने कहा कि माओवादी के दश वर्षे जनविद्रोह, मधेश आन्दोलन तथा विभिन्न आन्दोलन के क्रम में हुइ सहमति को कार्यान्वयन नही कर संविधान निर्माण करना चाहते है जो कदापि स्वीकार नही होगा । अगर देश में परिवर्तन चाहते है तो विगत में हुआ सम्झौता को संविधान में लिखना होगा । यह अभी का सम्झौता नही है जिन्हे मोर्चा विरोध करते है । यह तो २०६२।०६३ में हुआ सम्झौता को मोर्चा निर्माण होनेवाला संविधान में लिखने के लिए कह रहा है ।

यह भी पढें   बागमती प्रदेश में तीन दलों के बीच 8 मंत्रालयों के बंटवारे पर सहमति

अध्यक्ष महतो ने कहा कि मधेशी जनता अपना पहचान की बात करे तों विखण्डनकारी तथा राष्ट्रद्रोही कहनेवाला काँग्रेस तथा एमाले के पुराना संस्कार रहा है । मधेशवादी को विखण्डनवादी कहकर शासन करना सामान्य बात था । परन्तु अब मधेश प्रदेश के लिए एक इन्च भूमी न तो पहाड के लेगें और न मधेश के एक इन्च भूमी पहाड को देंगें  ।

उन्होन यह भी कहा की वार्ता के नाम पर आन्दोलन रोकने का प्रयास हो रहा है वा कमजोर करने का षडयन्त्र है । इससे सतर्क रहना आवश्यक है । हम लोग वार्ता प्रति साकारात्म है परन्तु सबसे पहले विगत में हुआ सम्झौता लिखित रुप से आनी चाहिए ।

यह भी पढें   भारतीय प्रधानसेनापति जनरल धीरज सेठ आज काठमांडू आएंगे

उसी प्रकार एमाओवादी का मधेशव्युरो ईन्चार्ज रामचन्द्र झा ने कहा कि समृद्ध नेपाल में समृद्ध मधेश प्रदेश नही बने यह शासक वर्ग की मानसिकता है । उसके लिए आन्दोलन ही एक विकल्प है । सुशिल तथा ओली के छाती में प्रहार कर धक्का नही देने पर मधेशी के अधिकार सुनिश्चित नही होगा ।

उन्होने यह भी कहा कि,‘मधेश का ईतिहास पृथ्वीनारायण शाह के ईतिहास से भी पुराना और विशाल है । मधेशी जनता ने खस शासक का ईतिहास पढकर अपना इतिहास नही समझ सका है । ’ मधेशी जनता को अपना ईतिहास, विकास तथा कृषि एवं शिक्षा के पहुँच मे नही जानने का षडयन्त्र है ।
आन्दोलन परिचालन समिति धनुषा का जिल्ला संयोजक संजय कुमार सिंह के अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम में पूर्व मन्त्री एवं तमलोपाका नेता उमाकान्त झा, फोरम नेपाल लोकतान्त्रिक का जिला उपाध्यक्ष संजय कुमार चौधरी, फोरम नेपालका केन्द्रीय सदस्य अरुण सिंह मण्डल, सद्भावना पार्टी का केन्द्रीय सदस्य लालकिशोर साह, संघीय समाजवादी पार्टी का सभासद उर्मिला साह, तमसपाका केन्द्रीय उपाध्यक्ष रानी तिवारी, रामसपाका सभासद दिनेश साह, संघीय सद्भावना पार्टी का केन्द्रीय सदस्य दिपक झा, फोरम गणतान्त्रिक का केन्द्रीय सचिव दिपेन्द्र यादव, संघीय गणतान्त्रिक का नेता आनन्दलाल मोक्तान, तमसपा का अध्यक्ष रुपनारायण मण्डल सहित का वक्तागण ने अपना अपना धारणा रखा था ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com