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गृह मंत्री ने बारा और पर्सा जिले के सीमावर्ती इलाकों का अचानक निरीक्षण किया

 

14 असार, काठमांडू।

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुङ का एक वीडियो और कई तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

वीडियो में गृह मंत्री काले रंग की कैप, काला चश्मा, नीला मास्क, सफेद बनियान और काले हाफ पैंट में बेहद सामान्य व्यक्ति की तरह नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में पैदल घूमते नजर आ रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय लोगों से बातचीत करते, उनकी समस्याएं सुनते और सीमा क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी लेते दिखाई दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री ने विशेष रूप से बारा और पर्सा जिले के सीमावर्ती इलाकों का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से सीमा चौकियों की स्थिति, अवैध तस्करी और सीमा शुल्क चोरी (कस्टम चोरी) के बारे में जानकारी ली।

बताया गया है कि गृह मंत्री राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के महाधिवेशन में शामिल होने के लिए चितवन गए थे। वहां से शुक्रवार रात वे गुप्त रूप से बारा के पथलैया पहुंचे। उन्होंने अपने दौरे की जानकारी किसी भी सरकारी अधिकारी या सुरक्षा एजेंसी को नहीं दी और रात सिमरा के एक होटल में ठहरे। वहीं उन्होंने तराई क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और सीमा पार होने वाली तस्करी के बारे में जानकारी जुटाई।

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शनिवार सुबह वे निजी वाहन से केवल अपने पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) के साथ पर्सा जिले के विभिन्न सीमा क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और सीमा चौकियों का निरीक्षण किया। इस पूरे दौरे की जानकारी न तो संबंधित प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) को थी और न ही स्थानीय पुलिस अथवा अन्य सुरक्षा एजेंसियों को।

निरीक्षण पूरा करने के बाद गृह मंत्री शनिवार शाम सिमरा से हवाई मार्ग के जरिए काठमांडू लौट आए।

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नेपाल-भारत सीमा से लगे तराई के जिलों से लंबे समय से अवैध तस्करी और सीमा शुल्क चोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेष रूप से मधेश प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में इस तरह की गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

गृह मंत्री के इस अचानक और गुप्त निरीक्षण से सुरक्षा तंत्र में हलचल मच गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के किसी गृह मंत्री का सीमा क्षेत्र का दौरा करना सुरक्षा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण तो है, लेकिन इससे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों पर जवाबदेही का दबाव भी बढ़ता है।

एक पूर्व डीआईजी के अनुसार, “यदि मंत्री समय-समय पर इसी तरह अचानक निरीक्षण करते रहें, तो सीमा क्षेत्रों में होने वाली तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।”

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गौरतलब है कि अपने पिछले कार्यकाल में गृह मंत्री सुधन गुरुङ सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे। वे सुबह “गुड मॉर्निंग” संदेश के साथ कार्रवाई की जानकारी साझा करते थे और विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी की सूचनाएं भी सार्वजनिक करते थे।

हालांकि, संपत्ति और शेयर विवाद के कारण पद छोड़ने के बाद जांच पूरी होने पर वे दोबारा गृह मंत्री बने हैं। लेकिन जांच समिति की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

वर्तमान कार्यकाल में उनका काम करने का अंदाज बदला हुआ नजर आ रहा है। अब वे सोशल मीडिया पर कम और जमीनी स्तर पर शांत एवं गोपनीय तरीके से निरीक्षण और कार्रवाई करने की रणनीति अपनाते दिखाई दे रहे हैं।

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