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जसपा नेपाल असोज 3 (संविधान दिवस) को ‘विरोध दिवस’ के रूप में मनाएगा

 

काठमांडू, 2 असोज।

जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल ने असोज 3 (संविधान दिवस) को ‘विरोध दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

जसपा नेपाल के नेता पूर्ण बस्नेत ने जानकारी दी कि पार्टी असोज 3 को ‘वर्तमान संविधान के मूलभूत विषयों तथा संविधान संशोधन की अनिवार्यता’ विषय पर अंतरक्रिया, बहस और विचार गोष्ठी आयोजित कर इसे विरोध दिवस के रूप में मनाएगी।

जसपा नेपाल का कहना है कि संविधान में नेपाल की संप्रभुता और राज्यसत्ता नेपाली जनता में निहित होने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ शामिल हैं, लेकिन अंतरिम संविधान पर पहले से बनी सहमति वाले कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को बहुमत और अल्पमत के आधार पर बदल दिया गया। पार्टी का यह भी मानना है कि संविधान में अनेक सकारात्मक प्रावधान होने के बावजूद अभी भी कई प्रकार के भेदभाव और असमानताएँ बनी हुई हैं।

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इसी आधार पर जसपा नेपाल का निष्कर्ष है कि संविधान का संशोधन और परिमार्जन अनिवार्य है। इसलिए पार्टी ने देशभर की अपनी सभी जिला समितियों को निर्देश दिया है कि वे असोज 3 के दिन संविधान संशोधन की आवश्यकता पर अंतरक्रिया, बहस और विचार गोष्ठियों का आयोजन करते हुए विरोध दिवस मनाएँ।

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