Mon. Jun 29th, 2026

rakesh mishra DFID

राकेश मिश्रा के फेसबुक स्टेटस को लेकर सवाल खड़ा करना क्या यही लोकतंत्र है ? श्वेता दीप्ति

 

श्वेता दीप्ति, काठमांडू | इस देश में विकास, रोजगार, बिगडती शिक्षा व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पिछडती उद्योग

राकेश मिश्र संबंधी समाचार के बारे में रिपब्लिका के सम्पादक घिमिरे को एक पत्र

 

सम्पादक श्री सुभाष घिमिरे जी, कुछ साल पहिले, आप कसमस विश्वकर्मा के बदले ‘रिपब्लिका’ दैनिक