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बाँके जिला स्थित तीन गाउँपालिका बीच विचार–विमर्श

 

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल ।
बाँके जिला स्थित ३ गाउँपालिका के बीच जल, जमीन जंगल तथा प्राकृति क संपदाओं की संरक्षण संबंधी विषय में विचार–विमर्श आयोजना किया गया । जल, जमीन जंगल संरक्षण के लिए वकालत कर रही प्राकृतिक स्रोत द्वन्द रुपान्तरण केन्द्र नेपालद्वारा जिला समन्वय समिति में कार्यक्रम आयोजना किया गया था ।
कार्यक्रम जिला समन्वय समिति बाँके के संयोजक अजय कुमार श्रीवास्तव के अध्यक्षता में जिला अदालत बाँके के माननीय न्यायाधीश खडानन्द तिवारी के प्रमुख आतिथ्यि में सम्पन्न हुआ है । कार्यक्रम में वन, जंगल, जमीन की संरक्षण, विभिन्न जिलों से बाँके जिला आकर सुकुमवासी के रुप में रहनेवाले लोग, अन्य जिलो से बाँके जिला में ओनेवाले लोग और उन लोगों की ओर से हो रहे वन अतिक्रमण संबंधी विषयों में विचार विमर्श की गई थी ।
कार्यक्रम में प्रमुख आतिथि माननीय न्यायाधीश खडानन्द तिवारी, जिला समन्वय समिति बाँके के संयोजक अजय कुमार श्रीवास्तव, राप्ती सोनारी गावँपालिका के अध्यक्ष लाहुराम थारु, उपाध्यक्ष धनी कुमारी खत्री, जानकी गावँपालिका के उपाध्यक्ष भूमिसरा धिताल, बैजनाथ गाउँपालिका के अध्यक्ष मन बहादुर रुचाल, उपाध्यक्ष शारदा रेग्मी बिक, वन डिभिजन कार्यालय बाँके के अधिकृत रमेश बुढाथोकी, नापी कार्यालय बाँकेका रन बहादुर बिक, जिला बार एशोसिएशन के युग बहादुर गुरुङ, प्राकृतिक स्रोत द्वन्द रुपान्तरण केन्द्र नेपाल के केन्द्रिय उपाध्यक्ष तथा सिंचाई महासंघ बाँके के अध्यक्ष शालिकराम डाँगी, प्राकृतिक स्रोत द्वन्द रुपान्तरण केन्द्र नेपाल के केन्द्रीय वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकृत दिपकराज भट्ट, जल स्रोत तथा सिंचाई विकास डिभिजन कार्यालय नेपालन्ज के निमित्ति डिभिजन प्रमुख कृष्ण बहादर बिष्ट, जिला भूमि अधिकार मञ्च की बिष्णु रोका, फेकोपन की अध्यक्ष शावित्रा पुन लगायत लोगों ने अपनी अपनी विचार रक्खा था संस्था के सामाजिक परिचालक नेत्र प्रसाद खनाल, एन आरपी रोहित चौधरी ने सहजीकरण किया । स्वागत मन्तव्य हरिता गुरुङ और कार्यक्रम संचालन माया गौतम ने किया था ।

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