Fri. May 29th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

बीरगंज में कोरोना परीक्षण केंद्र स्थापना के लिए संघर्ष करे : मुकेश द्विवेदी  

 

बीरगंज,२०७६ चैत्र १६ गते आइतवार । बीरगंज को नेपाल की वित्तीय राजधानी और नेपाल का प्रवेश द्वार कहा जाता है। बीरगंज से नेपाल सरकार हर साल अरबों-खरबों रुपये राजस्व के माध्यम से इकट्ठा करती है। इतिहास देखा जाए तो नेपाल में जो भी शासन व्यवस्था हो, बीरगंज के साथ हमेशा विभेद होता आया है। बीरगंज और पर्सा को आर्थिक-सामाजिक स्तर पर हमेशा कमजोर करने का प्रयास होता रहा है। जिस किसी पार्टी की सरकार हो, सभी ने बीरगंज को ठगने मात्र का काम किया है।

नेपाल सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए सूखा बंदरगाह (ICP), इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट (ICD) का निर्माण किया है और जब जगह की कमी हुई तो सैकड़ों वर्षों का एतिहासिक गांव श्रीसिया (चांडाल चौक) का पूरा गाँव उजाड़कर विस्तार किया गया और ये सभी पार्टी के सत्ता में हुआ।  यह के लोगो को सूखा बंदरगाह और इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट से चलने वाली गाड़ियों के धुँवा और धूल खाने के आलावा कुछ नहीं मिला।
बेशक, कई जगहों पर ऐसी परियोजनाओं चलती है जिस परियोजना के रकम का कुछ अंश उस जगह के विकास के लिए आवंटित किया जाता है, लेकिन बीरगंज को ऐसा कुछ नहीं मिलता है। इससे पहले क्षेत्रीय स्तर के हॉस्पिटलल निर्माण करने के समय हेटौंडा को चुना गया। यहां के सभी सरकारी मिलें (चीनी मिल, कृषि उपकरण) बंद कर दिया गया । हम सभी जानते हैं कि बीरगंज में चिनीमिल ,कृषि औजार चलाने के लिए जो जमीनें किसानों ने दिया था, उन हजारों बीघा जमीन को कमिशनख़ोरी के लिए बेचा जा रहा है। बीरगंज को प्रदेश की राजधानी बनाने के लिए आंदोलन हुआ था और सभी ने वादे भी किए थे, लेकिन बारा और पर्सा के आलावा सभी नेता जनकपुर को राजधानी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह मेरा स्वतंत्र विचार है और मैं यह क्यों लिख रहा हूं क्योंकि जब मैं राजनीति में आया, उसी समय से एक बात महसूस किया की जिसकी भी सरकार हो या जो भी पार्टी हो, बीरगंज को अपहेलित करना, बीरगंज का शोषण करना, बीरगंज के नेताओ को आपस में लड़ाने का काम होता आ रहा है। मैं आज यह इसलिए लिख रहा हूं कि हमारा देश आज लॉकडाउन में है, आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से पीड़ित है। बीरगंज नेपाल का मुख्य प्रवेश द्वार है यहाँ मधेश के लोग बहुसंख्य संख्या में आते है। इतने बड़े महानगर में कोरोना टेस्टिंग सेंटर स्थापित नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने एकदम गलत निर्णय किया है।
 यहां रहने वाले सांसद, माननीय, मेयर और सभी राजनितिक पार्टी के सदस्य से आग्रह है की आपलोग कठोर रूप में प्रस्तुत होकर बीरगंज और मधेस के लोगों के लिए, बीरगंज में कोविद -19 परीक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए तत्काल नेपाल सरकार और स्वास्थ्य मंत्री से बात करें। मैं पहल करने का अनुरोध करता हूं और यह बीरगंजवासी की मांग भी  है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *