Wed. Oct 28th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

लिपुलेक का कोई विवाद नहीं किसी तीसरे के इशारा पर नेपाल ने मुद्दा उठाया : भारतीय सेना प्रमुख

 

भारत द्वारा लिपुलेख-धारचुला मार्ग तैयार किए जाने पर नेपाल द्वारा कडी आपत्ति किए जाने के सवाल पर  भारतीय सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा कि पड़ोसी देश की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली थी। सेना प्रमुख ने कहा, ‘काली नदी के पूरब की तरफ का हिस्सा उनका है। हमने जो सड़क बनाई है वह नदी के पश्चिमी तरफ है। इसमें कोई विवाद नहीं था। मुझे नहीं पता कि वे किसी चीज के लिये विरोध कर रहे हैं।’

यह भी पढें   चितवन में तीन महीने में 3,062 लोगों को वंशज के आधार पर मिली नागरिकता

उन्होंने कहा, ‘पूर्व में कभी कोई समस्या नहीं हुई है। सेना प्रमुख ने कहा   कि नेपाल  ने किसी दूसरे के कहने पर यह मामला उठाया है और इसकी काफी संभावना भी है।’ हालाँकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया ।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले हफ्ते उत्तराखंड में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सीमा से लगी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी इस सड़क का उद्घाटन किया था। जिसपर नेपाल ने शनिवार को सड़क के उद्घाटन पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि ‘एकतरफा कार्रवाई’ सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए दोनों देशों के बीच बनी सहमति के खिलाफ है और इसका चौतरफा विरोध जताया जा रहा है ।

यह भी पढें   रोगियों की सुविधा वेहतर हमारी प्राथमिकता

नेपाल के विरोध और कालापानी क्षेत्र में उसकी सक्रियता को लेकर भारत के रक्षा विशेषज्ञ व लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) मोहन चंद्र भंडारी का कहना है कि नेपाल चीन के मोहरे के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। दरअसल चीन कभी नहीं चाहता था कि देश से लगती उसकी सीमा के मध्य बिंदु (उत्तराखंड से लगती सीमा) पर भारत की स्थिति मजबूत हो। वह इस मामले में सीधे कुछ नहीं कर पा रहा तो नेपाल को आगे करके सीमा विवाद को तूल दे रहा है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com