अंगीकृत नागरिकता देकर अब अन्य बहू को ‘सरिता’ बनने की छूट देने के पक्ष में नेपाल नहीं हैंः बिडारी
‘नागरिकता विधेयक वास्तविक मधेशी जनता की उत्थान के लिए है’

काठमांडू, २३ जून । सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के नेता तथा राष्ट्रीयसभा सदस्य रामनारायण बिडारी ने कहा है कि विदेशी बहू को तत्काल नागरिकता देकर मन्त्री बनाने के पक्ष में अब नेपाल नहीं है । मंगलबार आयोजित राष्ट्रीयसभा बैठक में बोलते हुए सांसद् बिडारी ने कहा कि कोही भी विदेशी नागरिक नेपाली नागरिक से शादी कर सकते हैं, लेकिन उन लोगों को अंगीकृत नागरिकता देकर अब अधिक संख्या में ‘सरिता’ (सरिता गिरी, जनता समाजवादी पार्टी) बनाने के पक्ष वकलात करना ठीक नहीं है ।
सांसद् बिडारी ने कहा– ‘चाहते हैं तो आप विदेशी महिला के साथ शादी कर सकते हैं । सिर्फ भारत के साथ ही नहीं, क्यानडा जाकर कर सकते हैं, अमेरिका जा कर भी कर सकते हैं, लेकिन हम लोग अधिक संख्या में ‘सरिता’ को अंगीकृत नागरिकता देकर मन्त्री और सांसद् बनाने की पक्ष में नहीं हैं । यह सधी सी बात है, समझलेना चाहिए ।’
सांसद् बिडारी का यह आक्रोशपूर्ण कथन प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के सांसद् जीतेन्द्र देव की ओर लक्षित था । एक दिन पहले (सोमबार) आयोतिज राष्ट्रीयसभा बैठक में नेता देव ने कहा था कि अगर नेकपा की मान्यता की तरह ७ साल के बाद ही विदेशी बहू को अंगीकृत नागरिकता दी जाती है तो देश में राजनीतिक–युद्ध शुरु हो सकता है । उन्हीं देव के प्रति लक्षित करते हुए आज सांसद् बिडारी ने कहा– ‘दक्षिण एसिया में ऐसा कोई भी देश नहीं, जहां शादी करते ही नागरिकता मिलता है ।’ उन्होंने आगे कहा– ‘नागरिकता मिलते ही तत्काल सांसद् पद, मन्त्री पद संबंधी व्यवस्था भी नहीं, दक्षिण एसिया में यही व्यवस्था है । सांसद् देव को भ्रमपूर्ण सूचना प्रवाह नकरने के लिए भी बिडारी ने आग्रह किया ।
सांसद् बिडारी ने कहा है कि सरकार ने सिर्फ भारत की ओर लक्षित कर नागरिकता विधेयक नहीं बनाया है । उन्होंने आगे कहा– ‘नागरिकता विधेयक वास्तविक मधेशी जनता की उत्थान के लिए है ।’

