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कोरोना वायरस का इलाज करने वाले निजी अस्पताल प्रतिदिन 15,000 रुपये तक के रोगियों से शुल्क ले सकते हैं

 

काठमांडू।

सरकार ने तय किया है कि कोरोना वायरस (कोविद -19) का इलाज करने वाले निजी अस्पताल प्रतिदिन 15,000 रुपये तक के रोगियों से शुल्क ले सकते हैं।

स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ जागेश्वर गौतम ने बताया कि निजी अस्पताल ने जटिल परिस्थितियों वाले रोगियों के उपचार के लिए 15,000 रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया गया है।

कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए सरकार ने तीन अस्पतालों, लेबल 1, 2 और 3 को नामित किया है। इसके अलावा, यदि मरीज अन्य निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण का इलाज कराना चाहता है, तो वह उस अस्पताल की सहमति से इलाज करवा सकता है। गौतम ने कहा।

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उन्होंने बताया कि अगर हालत सामान्य है तो इलाज के लिए 3,500 रुपये प्रतिदिन का खर्च आएगा, अगर यह मामूली है और जटिल और गंभीर है तो यह 15,000 रुपये प्रति दिन है।

सरकार ने फैसला किया है कि निजी अस्पतालों को कोरोना परीक्षण करते समय रोगियों से 10 प्रतिशत तक सेवा शुल्क लेने की अनुमति दी जाएगी।

मंत्रालय के प्रवक्ता गौतम के अनुसार, निजी अस्पताल पीसीआर पद्धति के माध्यम से एक कोरोना का परीक्षण करते समय सरकार द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये की अतिरिक्त 10 प्रतिशत सेवा शुल्क ले सकेंगे।

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हालांकि, निजी अस्पतालों द्वारा एकत्र किए गए स्वाब का परीक्षण राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला द्वारा अनुमोदित प्रयोगशाला में किया जाना चाहिए।

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