Mon. Oct 5th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

रक्षासूत्र : कवि दिनेश सिंह सेंगर

 

रक्षासूत्र
(१)
आज हमारे घर में देखो,
प्यारी बहिना आई है
भाई का अभिनन्दन करने,
थार सजाकर लाई है।
जिसमें सब धागे स्नेह के,
आशाओं के मोती हैं
आज बांधने रक्षा का वो,
सूत्र साथ में लाई है।।1
(२)
तिलक लगाकर वो ललाट पर,
विजयकामना करती है
दीप जला कर करे आरती,
मंगल चारण करती है।
चिरंजीवी हो भाई मेरा,
ईश्वर दे वरदान मुझे
वो स्नेह के सारे मोती,
सहज लुटाया करती है।। 2

यह भी पढें   स्वर्ग कहीं और नहीं, हमारे विचारों और कर्मों में बसता है : बिमल सरार्फ

कवि दिनेश सिंह सेंगर
अम्बाह जिला-मुरैना मध्यप्रदेश

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com