एक ऐसा मरहम जिसे नाक में लगाते ही महज 30 सेकेंड में कोरोना वायरस मर जाता है।
कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए दुनियाभर के देश और अलग-अलग कंपनियां वैक्सीन बनाने में लगी हुई हैं। इसके अलावा पहले से मौजूद दवाओं पर भी रिसर्च चल रहा है, जो संक्रमित मरीजों की जान बचाने में कारगर हों। इस बीच अमेरिका से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां की एक फार्मा कंपनी ने एक ऐसा मरहम बनाने का दावा किया है जिसे नाक में लगाते ही महज 30 सेकेंड में कोरोना वायरस मर जाता है। वैज्ञानिकों ने इस मरहम को T3X ट्रीटमेंट नाम दिया है। इसका प्रयोग सफल होने के बाद अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने भी मरहम के इस्तेमाल को अनुमति दे दी है। आइए जानते हैं इस मरहम के बारे में खास बातें कि ये कैसे काम करता है।
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि नाक में लगाने वाला ये मरहम कोरोना समेत कई तरह के वायरस के संक्रमण को रोकने में सक्षम है। उनका कहना है कि नाक में इसे लगाने से एक ऐसी लेयर तैयार होगी, जो कोरोना समेत दूसरे वायरस को नाक के जरिए शरीर में घुसने ही नहीं देगी।
आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस के ज्यादातर संक्रमण नाक के जरिए ही हो रहे हैं। ऐसे में मरहम के इस्तेमाल से वैसे मामलों में कमी लाई जा सकती है। मरहम पर शोध से जुड़ी टेक्सास की कंपनी एडवांस पेनिट्रेशन टेक्नोलॉजी के फाउंडर डॉ. ब्रायन हबर का भी यही मानना है।
डॉ. ब्रायन हबर का कहना है कि मरहम से कोरोना का इलाज एक बड़ी उपलब्धि होगी। यह कोरोना से लड़ने में बेहद ही अहम भूमिका निभा सकता है। यह एक ऐसा सुरक्षाचक्र साबित होगा, जिसकी उम्मीद लोगों को कई महीनों से थी।
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने T3X को ओवर-द-काउंटर दवा के तौर पर मंजूरी दी है यानी इसे खरीदने के लिए किसी को भी डॉक्टरों के प्रिसक्रिप्शन की जरूरत नहीं होगी। इसे सीधे मेडिकल स्टोर से खरीदा जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मरहम की पहले दो महीने टेस्टिंग की गई, उसके बाद इसे अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से इस्तेमाल को अनुमति मिली है। डॉ. ब्रायन हबर का कहना है कि परीक्षण में इस मरहम को नाक में लगाने के बाद संक्रमण फैलाने वाला कोई भी वायरस नहीं पाया गया।


