Thu. May 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सीमा विशेषज्ञ समिति ने कहा भारत से चतुराई से वार्ता करने की आवश्यकता

 

काठमांडू

नेपाल सरकार के देश का नया राजनीतिक नक्‍शा जारी करने के फैसले पर नेपाल के विशेषज्ञों की समित‍ि ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को रिपोर्ट पेश किया है है। भारत के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बनाई गई विशेषज्ञों की समिति ने सुझाव दिया है कि नई दिल्‍ली के साथ बातचीत के अलावा ओली सरकार के पास और कोई विकल्‍प नहीं है।

ओली सरकार ने  9 सदस्‍यीय कमिटी को नेपाल के कालापानी, ल‍िपुलेख और लिम्पियाधुरा के दावे को पुख्‍ता बनाने के लिए सबूत, ऐतिहासिक साक्ष्‍य और दस्‍तावेज तलाश करने का जिम्‍मा दिया था। इस कमिटी का नेतृत्‍व सरकारी संस्‍थान पॉल‍िसी र‍िसर्च इंस्‍टीट्यूट के कार्यकारी चेयरमैन बिष्‍णुराज उप्रेती ने किया हैं। इस कमिटी को यह भी सुझाव देने के लिए कहा गया था कि भारत से विवादित जमीन को लेने के लिए क्‍या रणनीति अपनाई जाए।

यह भी पढें   नेपाल बार एसोसिएशन द्वारा आज से विरोध प्रदर्शन

इस समिति के दो सदस्‍यों ने कहा क‍ि भारत और चीन के बीच बढ़ता तनाव, भारत के ल‍िपुलेख इलाके में सड़क बनाने से भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद का मुद्दा और ज्‍यादा जटिल हो गया है। इसको सुलझाने के लिए नेपाली अधिकारियों के चतुराई से बातचीत की जरूरत है। बता दें कि भारत के  नए राजनीतिक नक्‍शे के जारी करने के बाद नेपाल ने भी नया नक्‍शा जारी किया था और विवादित सीमाई इलाकों को अपना बताया और  नए नक्‍शे को कानूनी आधार देने के लिए इसे संसद से पारित करवाया है।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 19 मई 2026 मंगलवार शुभसंवत् 2083

नेपाल के इस कदम के बाद भारत के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं और वार्ता भी सम्भव नहीं हो रहा। इस विषय पर नेपाली अधिकारियों का कहना है कि इस विवाद के समाधान के ल‍िए विदेश सचिव स्‍तर की वार्ता कम से कम बुलाए जाने की जरूरत है। उधर, भारत का कहना है कि कोरोना वायरस संकट को देखते हुए यह वार्ता अभी नहीं हो सकती है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि चूंकि चीन के साथ विवाद को देखते हुए भारत के लिए कालापानी का काफी रणनीतिक महत्‍व है, ऐसे में नेपाल के पास बहुत कम विकल्‍प हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *