ओली–प्रचण्ड वार्ताः आज भी परिणाम–शून्य, नयां मन्त्री छनौट में दोनों नेता अपनी–अपनी अडान में
काठमांडू, ८ अक्टूबर । राजनीतिक वृत्त में चर्चा हो रही थी कि आज सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) नयां मन्त्रियों की छनौट में सफल होगी । इसके लिए नेकपा के दो शीर्ष नेता केपीशर्मा ओली और पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में वार्ता में भी बैठ गए थे । लेकिन उन लोगों की बार्ता आज भी परिणाम–शून्य साबित हो गया है ।
अर्थात् बिगत कुछ दिनों से मन्त्रिपरिषद् बिस्तार संबंधी जारी चर्चा आज भी सिर्फ चर्चा में ही रह गया है । वर्तमान मन्त्रिपरिषद् से किस–किस को हटाना है और नयां किस–किस को मन्त्री बनाना है ? इस विषयों में दो शीर्ष नेताओं के बीच काफी दिनों से बहस जारी है, लेकिन अभी तक दोनों नेता अपने–अपने अडान में रहने के कारण मन्त्रिपरिषद् बिस्तार नहीं हो रहा है ।
स्मरणीय है, गत भाद्र २६ गते सम्पन्न स्थायी कमिटी बैठक ने मन्त्रिपरिषद् पुनर्गठन के लिए म्यान्टेड दिया था और आश्वीन ४ गते सम्पन्न पार्टी सचिवालय बैठक ने उसकी जिम्मेदारी अध्यक्ष द्वय ओली और प्रचण्ड को दिया था । प्रधानमन्त्री भी रहे ओली अर्थमन्त्री विष्णु पौडल को बनाना चाहते हैं, लेकिन प्रचण्ड पक्षधर नेता सुरेन्द्र पाण्डे एवं जनार्दन शर्मा को अर्थमन्त्री बनाना चाहते हैं, विवाद का मूल मुद्दा यही है ।
स्मरणीय है, वर्तमान अवस्था में अर्थ, सूचना तथा संचार और शहरी विकास ३ मन्त्रालय खाली है । इसमें तत्काल मन्त्री नियुक्त करने के लिए दोनों अध्यक्ष सहमत हैं । लेकिन मन्त्रालय और मन्त्री छनौट में दोनों अपने–अपने अडान में है । इसीतरह वर्तमान सरकार में शामील कुछ मन्त्री को हटाकर कुछ नयां व्यक्ति को मन्त्री बनाने की चर्चा भी है, लेकिन इसमें भी सहमति नहीं बन रही है ।
पिछली बार प्रधानमन्त्री ओली अर्थ और संचार मन्त्रालय पूर्व एमाले पक्षधर को रखना चाहते हैं और पुराने मन्त्रियों को ही निरन्तरता देना चाहते हैं । परिवर्तन करना ही है तो ओली २–४ मन्त्री ही परिवर्तना करना चाहते हैं और इसी अडान पर हैं । लेकिन अध्यक्ष प्रचण्ड इसमें सहमत नहीं हैं । उनका कहना है कि बहुसंख्य मन्त्री परिवर्तन करना होगा ।

