विदेशी शक्तियों के लिए संसद् विघटन, अब देश में संकटकाल लागू होने की संभावना हैः नेता गुरुङ

पोखरा, २८ दिसम्बर । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (प्रचण्ड–माधव समूह) के नेता तथा पूर्व मंत्री देव गुरुङ ने कहा है कि प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने विदेशी षडयन्त्र में फंसकर प्रतिनिधिसभा (संसद्) को बिघटन किया है । उनका मानना है कि यह राष्ट्रघाती कदम भी है, जो विदेशी के लिए किया गया है ।
पोखरा में सोमबार पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता गुरुङ ने कहा– ‘जब तक संघीय संसद् रहेगी, तब तक यहां विदेशी सैनिक मार्चपास नहीं कर पाएगी, विदेशी हस्तक्षेप नहीं हो पाएगा, संसद् उसको प्रतिवाद करेगी । इसीलिए विदेशी सैनिक प्रवेश कराने के लिए संसद् बिघटन करना अनिवार्य था । यही काम ओली सरकार ने किया ।’
नेता गुरुङ का मानना है कि प्रधानमन्त्री ओली प्रतिक्रियावादी शक्तियों से प्रभावित हैं और उन लोगों के लिए ही संसद् बिघटन किया गया है । उन्होंने दावा किया है कि देश में अब संकटकाल लागू होने की संभावन भी है । उन्होंने आगे कहा– ‘संसद् बिघटन प्रतिगामी कदम है । अगर इसको खारीज नहीं करेंगे तो देश में संकटकाल लागू हो सकती है ।’
नेता गुरुङ ने यह भी दावा किया है कि नेपाल में पड़ोसी देश चीन से हो रहे विभिन्न पदाधिकारियों का भ्रमण में कोई आशंका नहीं है । उनका मानना है कि अभी तक चीन ने नेपाल की राजनीति में कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया है । उन्होंने आगे कहा– ‘नेपाल के सन्दर्भ में प्रयोगवादी चिन्तन समस्या है, बिस्तारवादी चिन्तन समस्या है, लेकिन चिनियां कम्युनिष्ट पार्टी समस्या का विषय नहीं है ।’

