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कथाकार, प्राज्ञ माया ठकुरी को पूर्णिमा साहित्य रत्न–२०७५ से सम्मानित

 


नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल ।
बाँके जिला के कोहलपुर में नेपाली आख्यान के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान पहुँचाने के वास्ते कथाकार, प्राज्ञ माया ठकुरी को पूर्णिमा साहित्य रत्न–२०७५ से २५ हजार पाँच सौ ५५ रुपौया राशी से फागुन २६ गते सम्मानित किया गया ।
गत वर्ष ही उन को सम्मान करने की कार्यक्रम तय किया गया था लेकिन कोभिड–१९ कोरोना संक्रमण की क्रास की कारण तथा लकडाउन से सो सम्मान रोका गया था पूर्णिमा साहित्य प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कपिल अन्जान ने जानकारी दी ।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि नेपाल प्रज्ञिप्रष्ठिान के पूर्व प्राज्ञ सदस्य सचिव तथा वरिष्ठ कथाकार सनत कुमार रेग्मी ने राजधानी के बाद अच्छी साहित्य की गतिविधि होत आ रही कोहलपुर ने इस क्षेत्र के कथाकार तथा प्राज्ञ माया ठकुरी को सम्झा गया पूर्णिमा साहित्य प्रतिष्ठान प्रतिष्ठान को धन्यवाद दिये थे उन्हों ने कशहा ‘माया ठकुरी की योगदान नेपाली साहित्य के क्षेत्र में ज्यादा रही है । उन्हों ने आख्यान के एक मजमबूत खम्बा हैं ।
वह कार्यक्रम में शेखर दहित को थारु भाषा में लिखा हुआ कथा संग्रह गयर्वा बुडुक खिस्सा ‘ठाँह्रा’ भी विमोचन किया गया था । विमोचित कृति के बारे में बोलते हुये लेखक सागर गैरे ने वह कृति में थारु समुदाय ने बाँचते आ रही हाल की परिवेश करीब ३०–४० वर्ष पहले समय को चित्रण किया गया है बताया । उन्हों ने बदली हुई हाल की समय में धीरे धीरे लोप होते गई थारु समुदाय कीे पहिचान लगायत की बातें कृति में मिलाया गया है बताया । कृतिकार शेखर दहित ने अपना अपने ही समुदाय की बातों को कथा में मिलाया गया है इस लिये मुझे बहुत ही खुसी लगी है बताया ।
कार्यक्रम में प्राज्ञ डा. योगन्द्र यादव, प्राज्ञ डा. उषा ठाकुर ने सम्मानित स्रष्टा और कृतिकारों को शुभकामना देते हुये आगामी दिनों में नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान से कोहलपुर में होनेवाली साहित्य की कार्यक्रम में भी सहकार्य करने के लिये हम लोग तयार रहें हैं बताया ।
कार्यक्रम में हाल कोहलपुर उद्योग वाणिज्य संघ में निर्वाचित हुये प्रतिष्ठान के कार्यसमिति तथा आजीवन सदस्य प्रदिप भट्टराई, चण्डी प्रसाद गैरे, दीपक बहादुर भण्डारी और अर्जुन सुदेवी को भी सम्मान किया गया था ।
कार्यक्रम में प्राज्ञ तथा साहित्यकार हरि तिमिल्सिना, महानन्द ढकाल, शुसील चौधरी, पुष्कर रिजाल ‘पुष्प’, प्रदिप भट्टराई, सुमित्रा न्यौपाने, विक्रम शिशिर, भावना पाठक, निरञ्जना चन्द, हेम प्रकाश मंजील, डा. देवेन्द्र आचार्य, सोम डेमनडौरा, श्रीभद्र सुवेदी, तुलसी पौडेल, लगायत लोगों की उपस्थिति रही थी ।

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