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हिमालिनी को ‘क’ श्रेणी प्रदान किया गया।

 

Himaliniपिछले १६ वर्षों से लगातार नेपाल में हिन्दी भाषा का आन्दोलन चला रहे नेपाल की पहली और सर्वाधिक लोकप्रिय हिन्दी मासिक पत्रिका को नेपाल प्रेस काउंसिल के वर्गीकरण में लगातार तीसरी बार ‘क’ श्रेणी में स्थान मिला है। इस तरह यह नेपाल की पहली तथा एक मात्र हिन्दी भाषा की पत्रिका है जिसे नेपाल सरकार व्दारा ‘ क ‘ श्रेणी मे रखा गया है । पत्रिका नेपाल भारत सम्बन्ध को जोडने तथा प्रगाढ करने मे सेतु का काम करती आयी है ।

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नेपाल प्रेस काउंसिल मे वर्गीकरण के लिये ८१७ पत्रपत्रिका फर्म भरे थे जिनमे ७१० पत्रिकाओं का मूल्यांकन करके वर्गीकरण किया गया है । बांकी १०७ पत्रिका को मापदण्ड पुरा नही करने के वजह से वर्गीकरण मे सामिल नही किया गया है । अनेक क्षेत्र से राष्ट्रीय ‘क’ वर्ग मे ८४, ‘ख’ वर्ग मे ९७, ‘ग’ वर्ग मे ४५ और ‘घ’ वर्ग मे ११ मिलाकर कुल जमा २३७ पत्रपत्रिका वर्गीकृत किया गया है । दैनिक और साप्ताहिक पत्रिका मे राष्ट्रीय ‘क’ वर्ग मे दैनिक २१, ‘ख’ वर्ग मे ६, ‘ग’ वर्ग मे ५ रखा गया है । साप्ताहिक मे ‘क’ वर्ग मे १७, ‘ख’ वर्ग मे ६२, ‘ग’ वर्ग मे २५ और ‘घ’ ५ पत्रिका को रखा गया है । क्षेत्रीय ‘क’ वर्ग मे ३०, ‘ख’ वर्ग मे ८६, ‘ग’ वर्ग मे ९० और ‘घ’ वर्ग मे ३४ मिलाकर २४० ठो पत्रपत्रिका को क्षेत्रीय वर्ग मे वर्गीकृत किया गया है । स्थानीय ‘क’ वर्ग मे २१, ‘ख’ वर्ग मे ५६, ‘ग’ वर्ग मे १०५ और ‘घ’ वर्ग मे ५१ मिलाकर कुल २३३ पत्रिका को स्थानीय वर्ग मे वर्गीकृत किया गया है।

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