जहरीला पानी पीने को मजबुर हैं राजस्थान की जनता, सरकारें बेखबर : प्रेमसिंह सूर्यवंशी
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* प्रेमसिंह सूर्यवंशी* 21 सदी में भी अगर लोगो को पीने के लिए साफ पानी ना मिले तो फिर 21 वी सदी के सभी दावे फेल है।राजस्थान की 2 करोड़ जनता ,पंजाब से आने वाला जहरीला पानी पीने को मजबुर हैं। राजस्थान की मरू गंगा कहलाने वाली इंदिरा गांधी नहर में कुछ वर्षों से रसायन युक्त व सीवरेज का पानी पंजाब से बह कर आ रहा है।ये ही पानी गांवों शहरों में बनी पानी की डिगियो में डाला जा रहा है। फिर कभी फिल्टर करके तो कभी बिना फिल्टर के पानी नलको में आ रहा है। जनता ये जहरीला पानी पीने को मजबुर हैं।
नहरबंदी के बाद जब भी पंजाब से पानी इंदिरा गांधी नहर के माध्यम से राजस्थान आता है तो पंजाब की चमड़े की फैक्ट्री का जहरीला पानी व सीवरेज का पानी सतलुज नदी से इंदिरा गांधी नहर में डाल दिया जाता है।
पंजाब के लुधियाना शहर से सीवरेज का पानी बूढ़ा वाला नाले में डाला जाता है इसी प्रकार जालंधर की फैक्ट्रियों का जहरीला पानी कलासिंगा नाले के के द्वारा सतलुज नदी में जाता है और इंदिरा गांधी के उदगम स्थल हरी के पतन नामक जगह पर इंदिरा गांधी नहर में डाल दिया जाता है।इसी प्रकार नकोदर,फगवाड़ा,कपूरथला का भी दूषित पानी राजस्थान में आता है।
इस जहरीले पानी में जिंक, निकल,क्रोमियम,लीड,शीशा मिला होता है और यह पीने लायक नहीं रहता है इसके पीने से कैंसर, काला पीलिया,हेजा,लीवर के रोग ओर आंतो की बीमारियां हो जाती है। श्री गंगानगर ओर हनुमानगढ़ में कैंसर के रोगियों का आंकड़ा बढ़ने लगा है।
ये जहरीला पानी राजस्थान के दस जिलों गंगानगर ,हनुमानगढ़,बीकानेर,नागौर,जैसलमेर,बाड़मेर आदी में मार करता हूं और 2 करोड़ जनता को प्रभावित करता है। ये पानी सिंचाई में भी प्रयोग लिया जाता है पशुधन भी ये ही पानी पीते हैं।
पंजाब में लगी फैक्ट्रियों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना जरूरी है कुछ ने लगा रखे हैं कुछ खराब हैं तो कहीं लगे ही नही है।पंजाब सरकार इस मामले में चुप्पी साध कर बैठ जाती हैं।राजस्थान ओर पंजाब दोनों ही जगह कांग्रेस की सरकारें है लेकिन पंजाब में सरकार सिद्धू में उलझी हैं तो राजस्थान सरकार पायलेट से निपटने में बिजी हैं। जनता की पीड़ा कोई नहीं समझ रहा है।
पंजाब सरकार पर इस संदर्भ में पचास करोड़ का जुर्माना भी लग चुका है।जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ओर सिंचाई विभाग भी इस घटना पर गहन चिंतन नहीं कर रही हैं
प्रदूषित जल को लेकर राजस्थान में धरने प्रदर्शन ओर बन्द तक हो चुके है हजारों बार ज्ञापन दिया जा चुका है। लेकिन मामले कि गंभीरता को लेकर कभी सरकारों द्वारा पहल नहीं की गई है।।
छोटी छोटी बातों पर संज्ञान लेने वाला मानवधिकार आयोग ओर कोर्ट भी चुप है।
एक बड़ी बात तो ये है कि भटिंडा से जो रेलगाड़ी बीकानेर जाती हैं उसका तो नाम ही कैंसर गाड़ी रख दिया गया है
अब सवाल ये उठता है कि जनता क्या इसलिए सरकारें चुनती हैं कि उन्हें पीने के लिए साफ पानी ही ना मिले। जनता कब तक ये दूषित पानी पीकर बीमारियों से जूझती रहेगी।
राहत की बात ये हैं कि केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिह शेखावत,अर्जुन राम मेघवाल ओर भाजपा के कुछ लोगो ने दिल्ली में मीटिंग कर जांच के कमेटी बनाई है जो हालात देखेगी।
अब राजस्थान के लोगो का इंतजार है आगे कुछ होगा या फिर से वही दूषित पानी पीना होगा।
राजस्थान से प्रेमसिंह सूर्यवंशी



