डेढ़ साल बाद भारत नेपाल के जोगबनी स्थित अंतरास्ट्रीय नाका होकर पैदल आवाजाही शुरू

माला मिश्रा जोगबनी । कोरोना महामारी के कारण लगभग डेढ़ साल से बंद भारत नेपाल के मुख्य नाका जोगबनी बॉर्डर होकर लोगो का आवाजाही शुरू किया गया है । मोरंग का सीडीओ कोषहरी निरौला के अनुसार सहायक रास्ते लोग आवाजाही कर रहे थे जिन्हें मुख्य नाका होकर स्वास्थ्य जांच के बाद आने जाने का छूट दिया गया है । जल्द ही स्वास्थ्य टीम को सीमा पर तैनात कर दिए जाएंगे । फिलहाल आने जाने बालो का थर्मल स्क्रीनिंग किया जा रहा है । बाइक, साईकल व अन्य वाहन पर रोक लगाया गया है । मोरंग एसपी जनार्दन जीसी के अनुसार आवाजाही करने बालो को सीमा पर जांच के बाद आगे जाने देने का निर्देश दिया गया है । लोगो को इससे थोड़े बहुत राहत मिली है ।
अबतक लोग टीकुलिया व इस्लामपुर होते हुए नेपाल प्रवेश करते थे । कही कही तो अवैध रास्ते,होटलों के पीछे गेट से चोरी छिपे नेपाल प्रवेश करते थे । नेपाल प्रशासन का यह भी कहना है कि कोरोना संक्रमण फिर बढ़ रहा है चोरी छिपे लोग नेपाल में प्रवेश करते थे जिसका स्वास्थ्य जांच नही हो पाता था जिस कारण से उन रास्ते पर कड़ाई कर मुख्य नाका होकर थर्मन स्क्रिनिग सहित हेल्थ डेस्क के माध्यम से सुरक्षा का मापदण्ड पालन कर आवाजाही का अनुमति मिली है । नेपाल में कोरोना संक्रमण का संख्या बढ़ रहा है जिस कारण से प्रशासन जुर्माना सहित मास्क चेकिंग और दुकान जो रात आठ बजे तक खुलती थी छह बजे कर दिया है । दोनो ओर के स्थानीय लोगो का कहना है कि मुख्य मार्ग को छोड़ अन्य मार्ग होकर अच्छे परिवार के लोग आवाजाही नही करते थे उन्हें राहत मिली है । इसके अलावा रानी तथा जोगबनी के मेन बाजार सुनसान दिख रहा था फिर से चहल पहल शुरू हो गया है । लोगो को बोर्डर खुलने की सूचना जैसे मिली सीमावर्ती बोर्डर इलाके का लोग राहत की सांस लिया । बोर्डर खुलने की सूचना पर बोर्डर पहुचे नेपाली कांग्रेस का युवा नेता राजेश गुप्ता ने बताया नेपाल सरकार के इस फैसले से सीमावर्ती दोनो क्षेत्र के लोगो को इससे राहत पहुचा है ।इधर नेपाल वैश्य युवा संघ मोरंग का अध्यक्ष गणेश साह के नेतृत्व में सीमा पर आवाजाही करने वालो सैकड़ो लोगो को मास्क बितरण किया । सीमा पर जहा भारतीय क्षेत्र में एसएसबी तैनात थे वही नेपाल में आर्मस फोर्स व नेपाल पुलिस तैनात दिखे ।



