सूडोकू के गॉड फादर जापान के माकी काजी अब हमारे बीच नहीं रहे।

जापान के यूनिवर्सिटी ड्रॉप आउट माकी काजी (69) ने दस अगस्त, मंगलवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। सूडोकू के गॉड फादर के नाम से मशहूर माकी पित्त के कैंसर से पीड़ित थे।
माकी काजी की कंपनी निकोली ने मंगलवार को बताया कि सूडोकू के गॉड फादर अब हमारे बीच नहीं रहे। टोक्यो मेट्रो क्षेत्र के मिताका शहर में उन्होंनेअंतिम सांस ली। सुडोकू करीब दो दशक पहले जापान के बाहर लोकप्रिय हुआ।
इसके बाद दुनियाभर के अखबारों में इस खेल को जगह मिली तो हर कोई काजी के इस खेल का दीवाना हो गया। सूडोकू इतना प्रचलित हुआ की लोग पूरा दिन इस पहेली को हल करने में लगे रहते थे। पहेली वाले खेल की लोकप्रियता का ही नतीजा था कि वर्ष 2006 से हर साल एक विश्व चैंपियनशिप का आयोजन भी किया जाता है।
काजी का सूडोकू पहेली दुनियाभर के 100 मीडिया कंपनियों में प्रकाशित होता है जिसमें दस विदेशी हैं। काजी जुलाई तक कंपनी से जुड़े थे लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने कामकाज छोड़ दिया था।
वर्ष 2008 में एक भाषण में कहा था कि मुझे 1984 में सबसे पहले संख्या वाले खेल से प्यार हो गया जिसे उन्होंने सुडोकू नाम दिया। हैरानी की बात ये है कि उन्होंने ये नाम सिर्फ 25 सेकंड में दिया जो सिर्फ एकल संख्या को इंगित करता है। काजी का जन्म आठ अक्तूबर 1951 को जापान के सापोरो में हुआ था।
सूडोकू दुनिया के लिए प्रचलित खेल 2004 में बना। न्यूजीलैंड से काजी के एक प्रशंसक ने इस खेल को ब्रिटेन के सामाचार पत्र द टाइम्स में प्रकाशित कराया तोइसे खेलने वाले बढ़ते चलेगए। माकी ने 30 से अधिक देशों की यात्रा की थी। दुनिया के 100 देशों में 20 करोड़ से अधिक लोग इस खेल से जुड़े हैं।

