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भारत के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू ने शिवाजी कॉलेज डायमंड जुबली पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की

 

शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने दिनांक 25 अगस्त, 2021 को अपने हीरक जयंती वर्ष का समापन समारोह मनाया। वर्तमान महामारी की स्थिति को देखते हुए यह समारोह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया। राज्यसभा टीवी चैनल और शिवाजी कॉलेज यूट्यूब चैनल ने कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया।
कॉलेज की स्थापना 1 जुलाई, 1961 को हुई थी और अब यह अपनी हीरक जयंती के ऐतिहासिक वर्ष पूर्ण कर रहा है। शिवाजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शिव कुमार सहदेव ने स्वागत भाषण से सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोविड -19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद जिस तरह से कॉलेज ने त्वरित गति और कुशलता के साथ वर्तमान स्थिति का सामना किया, वह बहुत ही प्रशंसनीय है। उन्होंने शिवाजी कॉलेज की जबरदस्त प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन सभी लोगों की सराहना की जिन्होंने कॉलेज को उन्नत बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ योगदान दिया है। उन्होंने कॉलेज के एनएसएस और एनसीसी छात्रों की निस्वार्थ सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया, जिन्होंने संकट के समय में आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद की।
भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। उन्होंने इस अवसर पर कॉलेज के छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न गणमान्य लोगों को संबोधित किया।शिवाजी कॉलेज के हीरक जयंती समारोह के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया। श्री नायडू ने कहा कि कड़ी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती और इसका हमेशा सकारात्मक परिणाम मिलता है। अपने उद्बोधन में छात्रों को कक्षा के साथ- साथ सामाजिक-सांस्कृतिक और मनोरंजन के विविध क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर और अनुमति की बात कही। एक छात्र के जीवन में शिक्षकों की प्रेरक और भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई कितना भी सफल क्यों न हो जाए, उन्हें अपने जीवन को आकार देने में अपने शिक्षकों की मुख्य भूमिका को कभी नहीं भूलना चाहिए। शिक्षक जो मूल्य और शिक्षा देते हैं, वह व्यक्ति जीवन को बड़े पैमाने पर समाज को आकार देने में मदद करता है। समारोह में श्री नायडू के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के वर्तमान कार्यवाहक कुलपति प्रो. पी.सी जोशी विशिष्ट अतिथि थे। प्रो. जोशी जी ने वर्तमान कोरोना संकट से गतिशील रूप से निपटने कॉलेज के उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए कॉलेज को बधाई दी। उन्होंने कॉलेज के शोध-संचालित संकाय एवं कॉलेज की कई उपलब्धियों को रेखांकित किया। इस
अवसर पर उपस्थित अन्य उल्लेखनीय अतिथियों में दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. सुमन कुंडू, डीन ऑफ कॉलेजेस प्रो. बलराम पाणि, डीयू रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, शिवाजी कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष श्री अजय भाटिया ने भी इस अवसर पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। शिवाजी कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. शशि निझावन तथा कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. एस.पी.एस चौहान, डॉ. एस.पी. शुक्ला, डॉ. प्रमोद सागर, डॉ. गीता शर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। शिवाजी कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व छात्र प्रो. दर्शन पांडेय ने शिवाजी कॉलेज के प्रशासनिक कार्यों की सराहना करते की। इसके अलावा प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज, प्रो. शमा मित्रा चिनॉय, डॉ. पायल मग्गो, श्री सचिन भांबा आदि अन्य अतिथियों ने कॉलेज से संबंधित अपने अनुभव साझा किए। हीरक जयंती वर्ष के समापन समारोह को यादगार घटनाओं के स्नैपशॉट के साथ 60 साल से अधिक की कॉलेज यात्रा को प्रदर्शित करने वाली एक स्मारिका के विमोचन द्वारा चिह्नित किया गया था। साथ ही महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत वीडियो भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सुरभि मदान तथा प्रो. मृदुला बुधराजा ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ.अनुराधा मल ने किया। वास्तव में शिवाजी कॉलेज की आधी सदी से भी अधिक समय की सफल यात्रा का एक भव्य उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया गया।

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