विश्व आत्महत्या निवारण दिवस के उपलक्ष में वाराणसी में एक दिवसीय कार्यशाला

विश्व आत्महत्या निवारण दिवस के उपलक्ष में नई सुबह संस्थान वाराणसी में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से आए हुए लोगों को आत्महत्या के कारणों, आत्महत्या के विचार रखने वाले व्यक्तियों के पहचान तथा इसके निवारण के उपायों से विस्तार से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के समापन एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ जे एस उपाध्याय चीफ फार्मासिस्ट एवं अध्यक्ष फार्मेसी संघ वाराणसी ने कहा कि भारतवर्ष में प्राचीन पारिवारिक पद्धतियां आत्महत्या निवारण में आज भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ मनोज तिवारी अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्महत्या निवारण एक सतत प्रक्रिया है जिसके अनेक आयाम है इसके दर में कमी लाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की महत्ता को स्थापित करते हुए नई सुबह संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ अजय तिवारी ने कहा कि आधुनिक एवं पाश्चात्य जीवन शैली आत्महत्या इसके लिए उचित वातावरण तैयार करती है यदि हम अपने सनातन परंपरा को अपना ले तो यह समस्या बहुत कम हो जाएगी। इससे पूर्व अभ्यर्थियों को डॉ जोशना सिंह क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं अर्पिता मिश्रा ने विस्तार से आत्महत्या के निवारण के बारे में चर्चा किया तथा अभ्यर्थियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अवसाद एवं तनाव से मुक्त रहने के उपाय से अवगत कराया।
कार्यक्रम में डॉ अमित तिवारी धर्मेंद्र सिंह राधिका एवं अन्य लोगों ने सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ जोशना सिंह तथा अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय तिवारी ने किया।

