संसद् से सम्पादित कारवाही को लेकर मैं खूद भी संतुष्ट नहीं हूः सभामुख सापकोटा

काठमांडू, १८ सितम्बर । सभामुख अग्निप्रसाद सापकोटा ने कहा है कि संसद् द्वारा सम्पादित काम–कारवाही को लेकर वह खूद भी सन्तुष्ट नहीं हैं । राष्ट्रीयसभा विधायन व्यवस्थापन समिति द्वारा शनिबार आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
सभामुख सापकोटा ने कहा कि संसद् की कार्य सम्पादन को प्रभावकारी बनाने के लिए बहुत कुछ करना बांकी है । उन्होंने कहा– ‘संसद की प्रभविकारिता प्रति मैं खूद भी सन्तुष्ट नहीं हूँ । कार्यसम्पादन को चुस्त बनाने के लिए वैज्ञानिक सुधार की आवश्यकता है । अब मैं इसके लिए इमान के साथ प्रयत्न करुंगा ।’
सभामुख सापकोटा को मानना है कि दो साल की अवधि में राजनीति दलों के भीतर आन्तरिक लोकतन्त्र भी कमजोर दिखाई दी है । उन्हाेंने कहा– ‘मैं लगभग दो साल से सभामुख पद पर हूँ । इस अवधि में मुझे अनुभूति हुई है कि सभी में जिम्मेदारी बोध और कर्तव्य बोध की कमी है, आन्तरिक लोकतन्त्र कमजोर है, यह राजनीतिक दलों में भी है ।’
कार्यक्रम में राष्ट्रियसभा के अध्यक्ष गणेशप्रसाद तिमिल्सिना ने कहा कि जनता में संविधान कार्यान्वयन की अनुभूति होनी चाहिए, इसके लिए सांसद् लोग ही जम्मेदार हैं । उन्होंने यह भी कहा कि कानून निर्माण ना होने के कारण कई मौलिक हक कार्यान्वयन में भी समस्या दिखाई दे रही है ।

