पोयमाण्डु का ६ठा संस्करण मे गोंस्वामी तुलसीदास को याद किया गया
काठमांडू, २९ गते, श्रावण , सीमा श्रीवास्तव ।
बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन तथा भारतीय दूतावास ने आज काठमांडू मे अपनी बहुचर्चित पोयमाण्डु का ६ठा संस्करण का भव्य आयोजन किया । कार्यक्रम नेपाल एयरलाइंस की भवन स्थित नेपाल भारत पुस्तकालय में आयोजन किया गया ।
भारतीय दूतावस के प्रथम सचिव अभय कुमार के विशेष सक्रियता में संचालित उक्त काव्यसंध्या डा गंगा प्रसाद उप्रेती के प्रमुख आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम में संस्कृत विद्वान एवम् हिन्दी भाषा के प्रसिद्ध और सर्वश्रेष्ठ कवि गोंस्वामी तुल्सीदास की रचनाएँ और उनके साहित्यीक देन की चर्चा की गई । 
इस अवसर पर प्रमुख अतिथी डा उप्रेती ने कहा की तुलसीदास कि अपने १२६ वर्ष के दीर्घ जीवन(काल में जो उन्होंने कालजयी ग्रन्थों की रचनाएँ कीं हैं वों अमूल्य हैं । कार्यक्रम में केंद्रिय विधालय और मॉडर्न स्कूल कि विधार्थियों ने रामचरित्र मानस पर अपनी कविताएँ और रचनाएँ व्याख्यान कीया । तुलसीदास जयंती के अवसर पर आयोजित इस समारोह में कविगण सर्वश्री डा। रामदयाल राकेश , डा। श्वेता दीप्ती , गोपाल अश्क , , डा। रामभरोषा कापड़ी, डा। संजीता बर्मा , डा। सनत वस्ती, श्री मेदिनी कुमार केवल , डा। गंगा प्रसाद अकेला सहित सभीने तुलसीदास की अनमोल कृतियाँ की वाचन करते हुए कार्यक्रम की शोभा बढाया ।
कार्यक्रम के अंत में मिशन उप प्रमुख जयदीप मजुमदार ने सभी विधार्थियों को पुरस्कार प्रदान किया । अर्पित कीया गया ।
इस अवसर के मुख्य अतिथि के रुप मे नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के वाइस चांसलर डा. गंगा प्रसाद गप्रेती ने कहा कि पोयमाण्डु नेपाल और भारत के कवियों के लिए एक महान अवसर प्रदान किया गया है,तथा भारत और नेपाल की साझा सांस्कृतिक मूल्यों और प्रथाओं को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. “
इस अवसर पर प्रमुख अतिथी डा उप्रेती ने कहा की तुलसीदास ने अपने १२६ वर्ष के दीर्घ जीवन काल में जो उन्होंने कालजयी ग्रन्थों की रचनाएँ कीं हैं वों अमूल्य हैं । कार्यक्रम में केंद्रिय विधालय और मॉडर्न स्कूल कि विधार्थियों ने रामचरित्र मानस पर अपनी कविताएँ और रचनाएँ व्याख्यान कीया । तुलसीदास जयंती के अवसर पर आयोजित इस समारोह में कविगण सर्वश्री डा। रामदयाल राकेश , डा। श्वेता दीप्ती , गोपाल अश्क , , डा। रामभरोषा कापड़ी, डा। संजीता बर्मा , डा। सनत वस्ती, श्री मेदिनी कुमार केवल , डा। गंगा प्रसाद अकेला सहित सभीने तुलसीदास की अनमोल कृतियाँ की वाचन करते हुए कार्यक्रम की शोभा बढाया ।
कार्यक्रम के अंत में मिशन उप प्रमुख जयदीप मजुमदार ने सभी विधार्थियों को पुरस्कार प्रदान किया ।
प्रख्यात साहित्यकार डा. राम दयाल राकेश भारतीय और नेपाली साहित्य, उनकी व्याख्याएं और उसकी शिक्षाओं को तुलसीदास के योगदान के महत्व पर प्रकाश डाला । त्रिभुवन विश्वविद्यालय की प्रध्यापक डा. श्वेता दीप्ति ने तुलसीदास द्वारा बनाई गई भगवान राम की व्याख्याओं पर प्रकाश डाला ।

