धनतेरस पूजन एवं खरीदारी मुहूर्त:-
*इस वर्ष धनतेरस एवं दीपावली में पूजन एवं खरीदारी:- का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:30 बजे से सायं 5 बजे तक फिर 6:15 से 10:30 तक शुभ है।*
*वहीं सिंह लग्न की पूजा 11:45 से रात्रि 3 बजे तक उत्तम होगा।*
माता लक्ष्मी की विशेष पूजा धनतेरस से आरम्भ होकर 5 दिनों तक यानी भैया दूज तक किया जाता है। आज के पूजा का दीपावली के समान महत्व होता है।
आज लक्ष्मी, गणेश, धनवंतरि और कुबेर की पूजा की जाती है और इस दिन लक्ष्मी पूजन करने से धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है, जो छोटी दिवाली से एक दिन पहले आता है। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ भगवान धनवंतरि की पूजा की जाती है और यह अत्यंत शुभ दिन माना जाता है!
इस दिन सोने, चांदी के आभूषण, अन्य धातु के बर्तन, झाड़ू, नमक, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गाड़ी, चल- अचल संपत्ति, टॉनिक औषधि आदि चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। और इस नए झाड़ू से घर से घर साफ कर नमक से पोंछा लगा कर पूजन करने का विशेष महत्व है।
जबकि पूजा के लिए भी दोपहर 1:30 से रात्रि 3 बजे तक का समय उपयुक्त माना गया है। श्री लक्ष्मी गणेश और भगवान धनवंतरि की पूजा इस मुहूर्त में करना विशेष शुभ होगा।
*धन्वन्तरि जयंती समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि के साथ सुधा अमृत के प्राकट्य के कारण मनाई जाती है और दीपावली के दिन भगवान राम का बनवास से वापसी हुआ था और माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ।*
भगवान धनवंतरि को विष्णु का रूप माना जाता है जो हाथ में अमृत कलश धारण किये होते हैं। इन्हें सोना, चांदी तांबा और पीतल पसंद है इसलिए धनतेरस को आभूषण या अन्य किसी धातु के सामान खरीदे जाते हैं। आरोग्य के देवता धनवंतरि और धन के देवता कुबेर की पूजा धनतेरस के दिन की जाती है।
धनतेरस का महत्व
कहते हैं कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन भगवान समुद्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। यह भी मान्यता है कि चिकित्सा विज्ञान के प्रसार के लिए भगवान धनवंतरि ने अवतार लिया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजन करने से धन-धान्य की कमी नहीं होती और लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा भी इस दिन घर में लानी चाहिए। धनतेरस के दिन संध्याकाल में दीपक जलाने की भी प्रथा है। इसे धन दीपक कहते हैं जो कुबेर और धन्वंतरि के लिए जलाया जाता है जिससे सभी दुख दारिद्र्यता रोग शोक एवं अकाल मृत्यु को भी टाला जा सकता है।
धनतेरस के पूजन से सबका जीवन धन संपदा, सुख सौभाग्य, उत्तम आयु आरोग्यता सम्पन्नता एवं सम्पूर्ण प्रसन्नता से भरा रहे।
*सबके धन-धान्य संपन्नता, उत्तम नौकरी आजीविका, उत्तम कर्म साफल्यता के साथ सम्पूर्ण प्रसन्नता के लिए महादेव से.. हमारी नित्य प्रार्थना… के साथ आप सबको धनतेरस दीपावली की हार्दिक शुभकामना…*
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*हरि ॐ गुरुदेव..!*
*ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
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