भारत व नेपाल के करीब पांच हजार से ज्यादा घाट बनाकर छठ पर्व मनाई जा रही है
गलगलिया (किशनगंज) : नेपाल भारत का सीमा क्षेत्र गलगलिया-भद्रपुर के बीच स्थित मेची नदी में बिहार, बंगाल एवं नेपाल के सीमावासी ने एक साथ छठ पर्व मनाया । छठ पर्व को भव्यता बनाने हेतु गलगलिया के मेची नदी में पंडाल एवं लाइटिग की व्यवस्था की गई थी। वहीं नेपाल की ओर मैथिली समाज भद्रपुर, यूनिक समूह भद्रपुर, भद्रपुर नगरपालिका सहित श्रद्धालु घाट से सड़क, बिजली, बांस का चचरी पुल, साफ-सफाई, पेयजल, स्वागत गेट एवं हेल्प डेस्क आदि का सहयोग किया। बताया गया कि जनकपुर के बाद नेपाल के लोगों के लिए यह दूसरा स्थान है, जहां भव्य तरीके से छठ पूजा होती है। करीब दो किलोमीटर लंबी क्षेत्र में नदी के दोनों तरफ भारत व नेपाल के करीब पांच हजार से ज्यादा घाट बनाकर छठ पर्व मनाई जा रही है।
नेपाल मधेसी समुदाय के साथ संयुक्त रूप से पहाड़ी, मारवाड़ी, बंगाली, राजवंशी एवं मुस्लिम आदि समुदाय एक साथ मेची नदी में छठ पर्व मनाते हैं। गलगलिया के स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां की छठ पूजा का पहचान नेपाल के कई जिलों तक हैं, जिसे देखने अन्य जिलों से नेपाल वासी पहुंचते हैं। भद्रपुर (नेपाल) मैथिल समाज के अध्यक्ष रामचंद्र झा द्वारा स्थानीय निकाय तथा सुरक्षा निकाय के साथ सहकार्य कर पूजा स्थल में आवश्यक निर्माण कार्य किया जा रहा है। झा ने बताया कि व्रती एवं भक्तजनों की सेवा सुविधा के लिए मेची नदी में जेसीबी लगा कर घाट जाने का रास्ता बनाया गया है। दोनों ही राष्ट्र के लोग एक दूसरे का छठपर्व देख सके इसके लिए भद्रपुर नगरपालिका के सहयोग से मेची नदी में अस्थायी चचरी पुल बनवाई गई है ताकि श्रद्धालु दोनों तरफ के पूजा का आनंद ले सकें। इस तरह है सुरक्षा की योजना::
50 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ आने का लक्ष्य लेकर मेची नदी के छठ में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने के लिए दोनों देश के सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सुरक्षा योजना बनाई थी। आयोजन समिति, भद्रपुर नगरपालिका, सशस्त्र प्रहरी एवं भारतीय सुरक्षाकर्मी के संयुक्त कार्य द्वारा पर्व के दिन मेची नदी में 250 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी की तैनाती एवं परिचालन की गई। इसमें 150 की संख्या में नेपाल की स्थानीय व ट्रैफिक पुलिस तथा 100 के करीब सेना के जवान शामिल थे। साथ ही भारतीय एसएसबी एवं गलगलिया पुलिस भी तैनात थी। भद्रपुर के पुलिस निरीक्षक दहल कुमार राई ने कहा कि छठ घाट पर पूजा के दौरान किसी भी आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए सीमा पर नेपाल पुलिस सादी पोशाक में भी पैदल गश्त लगाएगी। एक लाख लोगों को निशुल्क चाय::
विभिन्न सामाजिक संगठन द्वारा घाट पर आए हुए लोगों के सेवा सुविधा के लिए कई स्थानों में स्टाल लगाकर निशुल्क चाय तथा पेयजल वितरण की जाएगी। सुबह एवं शाम मिलाकर एक लाख के करीब लोगों को चाय पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। बताया गया कि प्रत्येक वर्ष निशुल्क चाय तथा पेयजल वितरण होता है।
छठ पूजा के दौरान पक्के पुल से वाहन होगा बंद:
मेची नदी के पक्की पुल के ऊपर चलने वाली दो पहिया तथा चार पहिया वाहन पर शाम तीन बजे से नेपाल प्रशासन द्वारा रोक लगा दिया गया था। सिर्फ पैदल ही लोग आना जाना कर रहे थे। इस बार मेची नदी का अंतरराष्ट्रीय पक्की पुल भी आकर्षण भी केंद्र होगा। पुल के ऊपर भी मेले जैसा नजारा देखने को मिला


