हरिप्रबोधिनी एकादशी 15 नवम्बर सोमवार : आचार्य राधाकान्त शास्त्री

*आचार्य राधाकान्त शास्त्री**हरिप्रबोधिनी एकादशी व्रत 15 नवंबर सोमवार को और पारण 16 नवम्बर मंगलवार को प्रातः 9:20 तक किया जाएगा। जो अत्यंत ही शुभ है। किन्तु कुछ लोग रेवती में पारण को लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। जो सर्वथा निराधार है। रेवती नक्षत्र का आखिरी 2 चरण त्याज्य होता है। इसके लिए प्रातः 9:20 बजे के पहले पारण कर लेना श्रेष्ठ रहेगा। इस एकादशी महाव्रत मे कोई दोष नही है। यह अति श्रेष्ठ एवं विशेष फलदायी है। सभी विष्णु भक्तों के लिए यह एकादशी करने योग्य है। यह एकादशी बड़े भाग्य से करने को मिलता है। इस व्रत के करने में कोई टिका टीपड़ी नही। विष्णु भक्तों के लिए सभी प्रकार के एकादशी महत्वपूर्ण होता है। कुछ मूर्ख तो ये भी कह कर भ्रम उत्पन्न कर देते हैं कि यह पचका में पड़ गया है,उनको पता नही की ये एकादशी हमेशा पचका में ही पड़ता है,व्रत नही करने वाले के झूंठ मुठ के अफवाहों से बचें। सबको उत्तम आयु आरोग्यता, सुख सौभाग्य, के साथ सम्पूर्ण प्रसन्नता पूर्वक सभी पापों को नष्ट कर सभी मनोकामना पूर्ण करें।*
*✍🏻 हरि ॐ गुरुदेव..!*

*व्हाट्सएप नं.- 9934428775
*आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
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