मनोवैज्ञानिक होता है एक सामाजिक योद्धा: अनिल कुमार वृक्ष

नई सुबह मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार विज्ञान संस्थान, वाराणसी द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला *सामान्य मनोरोग हेतु बहु व्यवहार चिकित्सा* के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 95 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट श्री अनिल कुमार वृक्ष ने कहा कि मनोवैज्ञानिकों का कार्य भी योद्धा से कम नहीं होता क्योंकि वे लोगों के मन व मस्तिष्क में परिवर्तन कर उनके जीवन को सरल एवं खुशहाल बनाने में सहायता करते हैं। जब व्यक्ति हर जगह से निराश होता है तो मनोवैज्ञानिक उन्हें जीने का आशा प्रदान करते हैं। व्यक्ति के मस्तिष्क को पढ़ना एक कठिन कार्य है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नहीं सुबह संस्था के प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ अजय तिवारी ने कहा कि नई सुबह संस्था मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र मानव संसाधनों की कमी को देखते हुए मनोवैज्ञानिकों के प्रशिक्षण के लिए विगत 20 वर्षों से सतत् रूप से प्रयासरत है और यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं प्रख्यात मनोवैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि प्रमाण पत्र एक जिम्मेदारी है जिन मनोवैज्ञानिकों को आज कार्यशाला में प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है उनकी समाज के प्रति जिम्मेदारी बढ़ गई है वह अपने दायित्वों का निष्ठा एवं ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करेंगे।
कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया अभ्यर्थियों को डॉ जोत्सना सिंह विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग नई सुबह के नेतृत्व में एमबीटी का प्रशिक्षण प्रदान किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों के मनोवैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया कार्यक्रम के सफल संचालन में नई सुबह की सुनीता तिवारी, अर्पिता मिश्रा, दिव्यम मिश्रा, राधिका, भूपेश भास्कर ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया। कार्यक्रम का संचालन प्रभा दीक्षित तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय तिवारी ने किया

