संचार माध्यम से लेकर सामाजिक संजाल तक अराजकता की ओर बढ़ती जा रही हैः ओली

पोखरा, ११ मार्च । नेकपा एमाले के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा कि आज संचार माध्यम से लेकर सामाजिक संजाल तक अराजकता की ओर जा रही है । उनका कहना है कि इनका प्रयोग सही ढंग से नहीं हो रहा है, स्वतन्त्रता का गलत उपयोग किया जा रहा है । प्रेस चौतारी नेपाल की ९वें राष्ट्रीय सम्मेलन को पोखरा में आज उद्घान करते हुए उन्होंने ऐसा दावा किया है ।
अध्यक्ष ओली ने कहा कि संचार जगत और सामाजिक संजाल दोनों में आज अधिक अनियन्त्रित और अश्लीलता दिखाई दे रही है, इसमें खूद को सेन्सर करना चाहिए । उनका कहना है कि संचार क्षेत्र में आज जो उपलब्धियां हासिल हो रहा है, उसको सही सदुपयोग करना जरुरी है । अध्यक्ष ओली ने कहा– ‘संचार माध्यम से लेकर सामाजिक संजाल तक आज अराजक है, हम लोग आवश्यकता से अधिक अराजक और अनियन्त्रित होते जा रहे हैं । स्वतन्त्रता की सदुपयोग करने में हम लोग असफल दिखाई दे रहे हैं । संचार जगत को भी सोचना चाहिए कि उपलब्धी की सही सदुपयोग हो सके ।’
अध्यक्ष ओली ने कहा है कि नेपाल के शासक वर्ग ने भी प्रेस और संचार जगत को सही ढंग से सदुपयोग नहीं किया है । उन्होंने आगे कहा– ‘मकई की खेती पुस्तक लिखने से जेल जाना पड़ा था, लक्ष्मी प्रसाद देवकोटा ने जब लाइबेरी खेला तो उनको भी कारवाही हुई । वि.सं. २००७ साल के बाद ही प्रेस स्वतन्त्रता संबंधी चेतना विकस हुआ है ।’ उनका यह भी कहना है कि संचार माध्यम सत्य और न्याय के पक्ष में होना जरुरी है ।

