नवरात्रि और रामनवमी के अवसर पर लाखों की संख्या में जनकपुरधाम पहुँच रहे हैं श्रद्धालुजन
नेपाल में नवरात्र की धूम है और साथ ही जनकपुरधाम भी नवरात्र और रामनवमी की तैयारी में मग्न है । जनकपुर में माता जानकी मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से ही माता जानकी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लग जाती है और दिनभर भक्तों का तांता लगा रहता है। यहां 60 साल से लगातार अखंड कीर्तन चल रहा है।
इस मंदिर का इतिहास भारत से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ की महारानी ने नौ लाख रुपए में मंदिर का निर्माण करवाया था। इसलिए इसे नौलखा मंदिर भी कहते हैं।
जानकी मंदिर का निर्माण भारत के मध्यप्रदेश में स्थित टीकमगढ़ की महारानी वृषभानु कुमारी ने करवाया था। लगभग 4860 वर्ग फीट में फैले इस मंदिर के निर्माण में कुल नौ लाख रुपए खर्च हुए थे, जिस कारण इसे नौलखा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
माता जानकी मंदिर के मंदिर में 60 सालों से अखंड कीर्तन चल रहा है। यहां इतने सालों से 24 घंटे भगवान राम और माता सीता के नाम का जाप किया जाता है। जिसे देखने और जाप में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस मंदिर पर लोगों की अटूट आस्था है। सामान्य दिनों में यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। नवरात्र के दौरान मंदिर की रौनक देखते बनती है। इस मंदिर में नेपाल से ही नहीं बल्कि भारत के कई राज्यों से भक्त माता जानकी के दर्शन करने पहुंचते हैं। भक्तों का कहना कि वह हर त्योहार पर यहां पहुंचते हैं और माता जानकी के दर्शन करते हैं।
पिछले दिनों जयनगर (बिहार) से जनकपुर (नेपाल) तक शुरू हुई है। नई ट्रेन के बाद अब त्योहारों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी. जानकी मंदिर के पुजारी का भी मानना है कि अब ट्रेन शुरू होने से भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नेपाल आएंगे और माता जानकी के दर्शन करेंगे.


