नेपालगन्ज मे हडिया बाबा के आश्रम में पाँच दिनों तक राम लीला का आयोजन
नेपालगन्ज, (बाँके जिला) पवन जायसवाल, २९ गते ।
बाँके जिला के नेपालगन्ज नगरपालिका– ७ रामनगर स्थित हडिया बाबा के आश्रम में पाँच दिनों तक राम लीला का आयोजन होने जा रहा है ।
हडिया बाबा के आश्रम में मंसीर महीने के ४ गते से पाँच दिनों तक भारत के कलाकारों के द्वारा रामलीला हुोने जा रहा है । बि.सं २०२२ साल में श्री श्री १००८ महा योगराज हडिया बाबा का कृष्ण पक्ष द्वतीय के दिन निधन हुआ था ।
बाबा अत्यन्त सरल त्यागी सिद्ध सन्तों के रुप में भारत के ख्याति प्राप्त करके अन्तिम साधना स्थल के रुप में नेपाल में आयें थे हडिया बाबा अत्यन्त सरल जीवनयापन पूर्णतया फलाहरी थे, विचित्र के सरल रोचक जीवन चरित्र तथा अडम्बर हीन जीवन शैलीयों से तत्कालिन नेपालगन्ज वरपर स्रोत अत्यन्त पूजनीय एवं श्रद्धा के केन्द्र समान रुप में सभी वर्ग जात जातियों में थे ।
बाबा जी कन्यापूजन समारोह, गंगा पूजन समारोह, तथा इष्टदेव सूर्य का पूजन नेपालगन्ज बाजार तथा पवित्र नदी कम्दी गाबिस स्थित राप्ती नदी में अनवरत महीनौं दिन तक भण्डारा कार्यक्रम चलता रहता था । बाबा जी के भण्डारा कार्यक्रम में बा“के जिला भर के स्थानविासियों की सहभागी रहहती थी ।
अत्यन्त शान्त मन के बाबा कार्यक्रम के साथ महलों तक शान्ति के लियें अन्यत्र चलते फिरते रहते और गरीबों की झोपडीयों से लेबर महलों में बैठकर सभी को समान व्वहार, स्नेह प्रदान करते थे ।
अपने अनवरत योग का समाधि अवस्था में बाबा का अधिका“श समय ध्यान में १२÷ १४ घण्टा तक रहते थे ।
भारत के महाराजा बलरामपुर, काशी नरेश, ग्वालियर लगायत राज घरानों से पूजित संत के विषय में अत्यन्त सिद्धपद में पहु“चे हुयें थे । श्री श्री १००८ महा योगराज हडिया बाबा का महिमा अत्यन्त पूजनीय रहा है ।
इसी तरह बि. सं. २०२२ साल में निधन के बाद महा योगराज हडिया बाबा के समाधि स्थल के लियें नेपालगन्ज – ७ रामनगर के निवासी अमृका प्रसाद यादव ने १ कट्ठा १७ धुर जग्गा प्रदान किया था । हडिया बाबा के पुत्र नेपाल गिरी ने महन्त के रुप में रहे थे उन का ९२ वर्ष में निधन हुआ था । उस के बाद से नेपाल गिरी के पुत्र सोम गिरी महन्त के रुप में और पुजारी राम नरेश रहे है ।

