तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी द्वारा नागरिकता विधेयक पारित करने के लिए दवाब
काठमांडू, २० जून । तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी ने नागरिकता विधेयक पारित करने के लिए सरकार को दबाव दिया है । आइतबार संघीय संसद् के सभामुख तथा मधेश प्रदेशसभा सचिवालय को एक ज्ञापनपत्र देते हुए तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी ने संसद् में विचारधीन नागरिकता ऐन–२०६३ की प्रथम संशोधन विधेयक को संसदीय प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कहा है ।
ज्ञापनपत्र मार्फत उक्त पार्टी ने कहा है कि विधेयक पारित ना होने के कारण जनसिद्ध नागरिकों के बालबच्चे नागरिकता बिहीन होना पड़ रहा है, ऐसी परिस्थिति अन्त करने के लिए भी पार्टी ने आग्रह किया है । ज्ञापनपत्र में कहा गया है– ‘संविधान की धारा ११ (३) अनुसार जन्म के आधार पर नेपाल की नागरिकता प्राप्त करनेवाले नागरिकों के बालबच्चों को बालिग होने के बाद वंशज की नागरिकता मिलना है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है । नागरिकता प्रमाण–पत्र के आभाव भें वे लोग नागरिक अधिकार उपभोग से पूर्णतः बंचित हैं । शिक्षा, स्वास्थ, सुरक्षा, रोजगार–व्यवसाय, देश–सेवा जैसे हर क्षेत्र में वे लोग प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं । ऐसी ही हांलात पितृत्व और मातृत्व की पहचान बिहीन नेपाली नागरिकों के बालबच्चों का भी हैं ।’
उल्लेखि समस्या समाधान के लिए ही नेपाल नागरिकता ऐन, २०६३ को संशोधन के लिए विधेयक प्रतिनिधि सभा में पेश हुआ है । लेकिन उक्त विधेक विचाराधीन अवस्था में हैं । कई बार बहस होने के बाद भी विधेयक पास नहीं हो रहा है । उसी विधेयक को पास कर नागरिकता से बंचित नागरिकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए पार्टी ने आग्रह किया है । उमेश कुमार मण्डल, योगेन्द्र राय, बिभा ठाकुर, सतीशलाल दाश, भोला झा आदि नेताओं की उपस्थिति में ज्ञापनपत्र दिया गया है । ज्ञापनपत्र में पार्टी सबंद्ध दो दर्जन से अधिक नेताओं ने हस्ताक्षर किया है ।

