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पुर्व उपराष्ट्रपति परमानंद झा द्वारा लिखित “मधेशको माटो म” नामक पुस्तक का विमोचन

 

काठमांडू,15 अगस्त ।आज राजधानी मे पुर्व उप राष्टृपति श्री परमानंद झा जी द्वारा लिखित “मधेशको माटो म” नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन वर्तमान उप राष्टृपति सम्माननीय नन्द बहदर् पुन ने किया। प्रमुख अतिथि के रूप मे उप राष्टृपति श्री नंदबहादुर पुन खुशी व्यक्ति किया कि उनके कक्ष मे इस पुस्तक का विमोचन हो रहा है। उन्होंने कहा की जो लोग गणतंत्र को सपना मान रहे थे उनलोगों के लिए गणतंत्र एक चमत्कार ही है। मधेश आंदोलन भी गणतंत्र से ही संभव हुआ।

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घोस्ट राइटिंग नेपाल के अध्यक्ष श्री कमल ढकाल ने स्वागत भाषण किया।
समारोह मे कृषि मंत्री मृगेंद्र सिंह यादव ने सम्बोधन करते हुए कहा कि एउटा भाषा एउटै भेष की मांसिकता से अभी भी यह देश चल रहा है। लोसपा नेता श्री सुरेंद्र झा ने पुर्व राष्टृपति श्री झा के जीवन पर प्रकाश डाला। नेता श्री सुरेंद्र झा ने कहा कि पुर्व राष्टृपति श्री झा जब हिंदी में शपथ ग्रहण लिए तो उन्हे अपमानित होकर रहना परा।
श्री उद्धव प्रसाद भट्राइ ने पुस्तक की समीक्षा किया।
शुभकामना के ही क्रम मे रासस् के प्रमुख श्री धर्मेंद्र झा ने कहा कि किताब पढ़ कर लगता है की श्री परमानंद झा जी का मन का भाव आग उगल रही है । उन्होंने कहा की अब भविष्य में परमानंद झा जैसे व्यक्ति उप राष्टृपति बनेंगे या नहीं यह भविष्य के गर्भ मे है। श्री धर्मेंद्र झा ने कहा कि पुस्तक मे प्रश्नो का ढेर है जो अनुत्तरित है। किताब एक इतिहास है।

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शुभकामना देते हुए पूर्व न्यायधीश माननीय गिरीश चंद लाल जी ने कहा की पुस्तक से पता चलता है की मधेश के व्यक्ति किस तरह पीड़ा झेलती है मधेश का जीवन किस तरह संघर्ष मय है।
माननीय शारदा श्रेष्ठ ने कहा कि श्री परमानंद झा ने मधेश की मिट्टी को गौरवान्वित किया है।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए लेखक तथा पुर्व उपराष्टृपति श्री परमानंद झा जी ने कहा कि मैंने कर्मचारी से उप राष्टृपति तक जो जो देखा और झेला उसका अक्षरस इस पुस्तक मे उल्लेख है।
कार्य क्रम का संचालन श्री मृत्युञ्जय झा ने किया।

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