निहारिका आत्मदाह प्रयास प्रकरणः मुद्दा फैसला करनेवाले जिला न्यायाधीश को सर्वोच्च बुलाया गया
काठमांडू, १५ अगस्त । बलात्कार संबंधी एक मुद्दा में प्रमाण मूल्यांकन किए बिना ही आरोपित को सफाई देने के आरोप में जिला अदालत धनुषा के न्यायाधीश डा. परशुराम भट्टराई को सर्वोच्च अदालत बुलाया गया है । न्यायपरिषद् बैठक में हुई विचार–विमर्श के बाद कायम मुकायम प्रधानन्यायाधीश दीपक कुमार कार्की ने डा. भट्टराई को छानबिन के लिए काज में सर्वोच्च अदालत में बुलाया है । न्याय परिषद् के प्रवक्ता मानबहादुर केसी ने इस बात को स्वीकार किया है ।
स्मरणीय है, कुछ दिन पहले निहारिका राजपूत ने राष्ट्रपति भवन शितल निवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था । निहारिका को कहना है कि उनके ऊपर जनकपुर निवासी शिवराज श्रेष्ठ ने बलात्कार किया है । बलात्कार के कारण गर्भवती निहारिका ने एक पुत्र को भी जन्म दिया है, उनका उम्र दो साल होने लगा है । निहारिका को कहना है कि पुलिस प्रशासन और जिला अदालत धनुषा ने उनके ऊपर अन्याय किया है । साथ में उन्होंने अपने पुत्र और शिवराज श्रेष्ठ का डीएनए परीक्षण के लिए भी मांग किया है ।

