विवाहित विदेशी महिलाओं को नागरिकता देने की व्यवस्था २००९ से ही है : गृहमंत्री खाण

काठमंडू, 18 अगस्त । गृहमंत्री बालकृष्ण खाण ने कहा है कि नेपाल में २००९ से ही विवाह के बाद आई विदेशी महिलाओं को अंगीकृत नागरिकता का प्रावधान है । आज की प्रतिनिधि सभा की बैठक में नागरिकता विधेयक पर चर्चा के क्रम में सांसदों द्वारा पूछे गए प्रशनों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि ७० साल पहले जो व्यवस्था थी , आजतक वही व्यवस्था है ।
आगे उन्होंने कहा कि २०६३ के आन्दोलन के बाद जारी हुए अंतरिम संविधान के अनुसार नेपाल नागरिकता ऐन २०६३ में बनाया गया था ।नेमकिपा को छोड़कर सभी दल सरकार में हैं एक तरह से कहें तो वे सभी उसके लिए जिम्मेदार हैं । उन्होंने दावा किया कि २०७२ के संविधान में उल्लेख हुए प्रावधान पर आधारित अभी का विधेयक लाया गया है ।
उन्होंने कहा कि अभी का विधेयक नेपाली नागरिकों से विवाहित विदेशी महिलाओं के बारे में कुछ नहीं कहता है । उन्होंने कहा कि कि २२ महीना राज्य व्यवस्था समिति में चर्चा होकर पास हुई विधेयक पर संसद में चर्चा हो ये उनकी सोच है लेकिन प्रमुख प्रतिपक्षी दल एमाले के संसद अवरोध के कारण बहस नहीं हो पाई । उन्होंने बताया कि तत्कालिन प्रधानमंत्री केपी शर्मा द्वारा २०७८ जेठ १ गते जारी किए गया नागरिकता संबंधी अध्यादेश के आधार पर ही ये विधेयक आया है ।

