नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान, नेपाल द्वारा त्रिदिवसीय अन्तराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा
काठमांडू । २२ अगस्त । नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान, नेपाल २०७९ भादव १० गते से १२ तक त्रिदिवसीय अन्तराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजना करने जा रहा है । संगोष्ठी का नाम Intetnational Seminar on ‘International Relations : Nepal and the World Order’ रखा गया है ।
इस विषय पर आज काठमांडू में एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया । पत्रकार सम्मेलन में प्रतिष्ठान के एम.डी. श्री दीपक अधिकारी ने बताया कि यह सम्मेलन 40 वर्ष तक के युवाओं पर आधारित रहेगा । देश के युवा ही भविष्य में देश चलाएंगे । उनके लिए यह विशेष पैकेज तैयार किया गया है । इस अवसर पर प्रोग्राम के संयोजक डा बिनय कुमार मिश्र ने इंटरनेशनल रिलेशन पर सेमिनार की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी ।
विशेषकर नेपाल भविष्य में किन नीतियों को ध्यान में रखकर विश्व को देखेगा ? इसी विषय को लेकर संगोष्ठी में चर्चा होगी । संगोष्टी में आज की युवाओं की सोच और उसे कैसे कार्यान्वयन में लाया जा सकता है के विषय में भी चर्चा होगी । संगोष्ठी का उद्धाटन प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा करेंगे । इसी तरह कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि में परराष्ट्रमंत्री डा. नारायण खडका, परराष्ट्र सचिव और विभिन्न देश के कूटनीतिज्ञयों की उपस्थिति रहेगी । कार्यक्रम में अन्तराष्ट्रीय संबंध में स्थापित शैक्षिक संस्था और विश्वविद्यालय से विद्यावारिधी किए चालिस वर्ष से कम के चालिस छात्र कार्यपत्र प्रस्तुत करेंगे । संगोष्ठी में विश्व राजनीति, माइग्रेशन, सुरक्षा, सीमापार –राष्ट्रवाद विश्व व्यापीकरण शांति स्थायित्व और समृद्धि एवम विश्व राजनीति और अन्तराष्ट्रीय संबंधों में आए परिवत्र्तन इन सभी मुद्दों पर गहन बहस होगी ।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही रखा गया है कि अन्तराष्ट्रीय संबंध आज की पीढ़ी क्या सोच रखती है ? संगोष्ठी द्वारा प्राप्त किए गए अनुभवों से भविष्य के लिए युवाओं को अपना मार्ग बनाने में सहयोग प्राप्त हो सकेगा ऐसा नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान नेपाल का विश्वास है ।
संगोष्ठी का समापन पूर्व प्रधानमंत्री तथा नेकपा माओवादी के अध्यक्ष पुष्प कमल दाहाल भादव १२ गते को करेंगे । नेपाल भारत मैत्री पशुपति धर्मशाला, तिलगंगा में होने वाले इसकार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के स्प में संघीय संसद सचिवालय प्रतिनिधि सभा, नेपाल के उपसभामुख पुष्पा भूसाल भी शामिल होंगी ।




