आज है छठ व्रत का खरना, जानिए क्या है खरना व्रत

* शनिवार को सायं काल मे स्नान कर आम के लकड़ी और मिट्टी के चूल्हा पर कपूर से अग्नि जलाकर अगहनी और साठी चावल दूध, और गुड़ से रासियाव खीर और पवित्र आंटे की रोटी बनाकर भगवान सूर्य एवं माता षष्ठी देवी का मानसिक रूप से ध्यान कर कर रसियाव (खीर) रोटी अर्पण किया जाएगा। और शेष प्रसाद से खरना किया जाएगा। पुनः परसो 30 अक्टुबर रविवार को दिन भर निर्जला उपवास कर छठ पूजन की सभी तैयारी कर 2 से 3 बजे तक छठ घाट पर जाकर पूजन किया जाएगा। और सिद्धि लाभ चौघड़िया योग में सायं 4:55 के बाद से सायं 5:25 तक सायंकालीन अर्घ्य दिया जाएगा। और रात्रि में कौशिकी देवी का (कोशी) रूप में पूजन किया जाएगा। और रात्रि जागरण पूर्वक रात्रि शेष 3:30 बजे से घाटों पर कौशिकी पूजन अर्चन कर महासप्तमी सूर्य व्रत पूजन कर आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ पूर्वक 31 अक्टुबर सोमवार के प्रातः 6:17 से शुभ सिद्धि चौघड़िया योग में प्रातः अर्घ्य दिया जाएगा। फिर घर आकर कुल देवी देवताओं की पूजन कर इस महाव्रत का पारण किया जाएगा।*
*इस पवित्र मुहूर्त में गंगा आदि नदियों के घाटों एवं अन्य पवित्र नदियों, सरोवरों, तालाबों, अथवा घर पर बनाये जलाशयों में सभी व्रती अर्घ्य देंगे। इस व्रत में 36 घंटे तक व्रती निर्जला रहते हैं।*
*छठ पर्व पूरी आस्था व भक्ति के साथ मनायी जाती है। इस बार छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान में ग्रह-गोचरों का शुभ संयोग बन रहा है जिसमें महापर्व छठ के लिये आज नहाय-खाए से आरम्भ कर कल खरना, परसों सायंकालीन अर्घ्य, और रात्रि में माता कौशिकी की पूजन के साथ प्रात: कालीन अर्घ्य देते हुवे व्रत को पूर्ण किया जाएगा।*
*सायंकालीन अर्घ्य और प्रातःकालीन अर्घ्य में लाभ सिद्धि और शुभ सिद्धि चौघड़िया मुहूर्त योग का संयोग अत्यंत उत्तम है।*
*इस व्रत पूजन एवं सूर्य के अर्घ्य से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। और सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति के इस जन्म के साथ किसी भी जन्म में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।*
*इस व्रत में बांस या पीतल के पात्र से अर्घ्य प्रदान करना चाहिए। पीतल के पात्र से दूध का अर्घ्य देना चाहिए। ताम्बे के पात्र में दूध से अर्घ्य नहीं देना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार छठ महापर्व खासकर शरीर ,मन और आत्मा की शुद्धि का पर्व है। वैदिक मान्यता है कि नहाए-खाए से सप्तमी के पारण तक जो भक्त श्रद्धा भक्ति से श्रद्धापूर्वक व्रत करते हैं। उन पर भगवान भास्कर और माता षष्ठी देवी की कृपा बनी रहती है।*
*षष्ठी माता श्री सूर्यनारायण के साथ अपनी सम्पूर्ण कृपा सभी भक्तों पर बनाये रखें, सबकी आयु आरोग्यता, सुख सौभाग्य, सन्तति संतान सुरक्षित रहे।*
🌺🌹🌸🌹🌺
*हरि ॐ गुरुदेव..!*
*✒✍🏻 ✒✍🏻*
*ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
*🌹शुभम बिहार यज्ञ ज्योतिष आश्रम🌹*
*राजिस्टार कालोनी, पश्चिम करगहिया रोड, वार्ड:- 2, नजदीक कालीबाग OP थाना, बेतिया पश्चिम चम्पारण, बिहार, 845449,*
🌺🌸🌹🌸🌺
*सहायक शिक्षक:- राजकीयकृत युगल प्रसाद +2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैसही, चनपटिया,बेतिया बिहार*
*व्हाट्सअप एवं संपर्क:-*
*9934428775*
*9431093636*
*🌺(अहर्निशं सेवा महे)🌺*
*आवश्यक वार्तालाप का समय:- सायं 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक।*
*!!भवेत् सर्वेषां शुभ मंगलम्!!*

