३० साल से लावारिस वीरगंज स्थित कृषि औजार कारखाना संचालन करने के प्रयास में महावीर पुन
वीरगंज, ५ नवम्बर । लगभग ३० साल से लावारिस अवस्था में रहे वीरगंज स्थित कृषि औजार कारखाना को पुनः संचालन करने का प्रयास हो रहा है । राष्ट्रीय अविष्कार केन्द्र के प्रम्ुख महावीर पुन इसके लिए नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं । गत आश्वीन ११ गते नेपाल सरकार और अविष्कार केन्द्र बीच एक सम्झौता हुई थी, सम्झौता के अनुसार उक्त कारखाना संचालन की जिम्मेदारी केन्द्र को मिली है ।
सम्झौता के अनुसार अविष्कार केन्द्र के पदाधिकारी तथा विभिन्न विज्ञ समूह ने लावारिस अवस्था में रहे कारखाना को पुनः संचालन हेतु अपना कार्य शुरु किया है । केन्द्र के प्रमुख महावीर पुन के अनुसार केन्द्र से जुड़े हुए १६ सदस्यीय प्राविधिक टीम बिगत ५ दिनों से कारखाना में दैनिक १२ से १६ घंटा तक काम कर रहे हैं और यहां स्थित मसिनों के संबंध में प्रारम्भीक अध्ययन शुरु किया है । विशेषतः पुरानी मसिनों की सरसफाई, उसकी स्थिति, विद्युतीकरण की अवस्था, कारखाना संचालन के लिए तत्काल आवश्यक रकम जैसे विषयों को लेकर अध्ययन हो रहा है ।
महावीर के अनुसार दो हफ्तो के भीतर सरकार को एक प्रतिवेदन दिया जाएगा, उसके बाद सरकारी निर्देशन और प्राप्त सहयोग अनुसार काम को आगे बढ़ाया जाएगा । उन्होंने यह भी कहा है कि यहां जो मसिन है, उसको मर्मत–सम्भार करने के लिए कमसे कम ८–९ महीनों की समय लग सकता है । उसके बाद ही प्रथम चरण में यहां से कुछ कृषि औजारों की उत्पादन शुरु हो सकता है । महावीर के अनुसार अगर सरकारी बजट प्राप्त हो जाता है तो दूसरे साल से ही आधुनिक टेक्नोलॉजी लाकर नाफामूलक तरिके से कारखाना को संचलान किया जा सकता है ।
स्मरणीय है, वीरगंज स्थित कृषि औजार कारखाना वि.सं. २०२४ साल में स्थापित कारखाना है, जो सोभियत संघ सरकार के सहयोग से स्थापना हुआ था । यहां से विभिन्न खेती किसानों से जुड़े हुए मसिनजन्य प्राविधिक सामाग्री उत्पादन होता था । लेकिन वि.सं. २०४६ के राजनीतिक परिवर्तन के बाद कारखाना धरासायी हो गई ।

