बाल दिवस : कंचना झा
१४ नवम्बर – आज बाल दिवस
काठमांडू, १४ नवम्बर– बच्चें किसी भी देश के भविष्य होते हैं ,इसलिए हम सभी चाहते हैं कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखें ताकि कल के भविष्य को हम सुरक्षित रख सकें। आज का दिन भारतीय इतिहास के लिए सदैव याद रखनेवाला है । आज जवाहर लाल नेहरु का जन्मदिन है और भारत में मनाया जा रहा है बाल दिवस ।
बाल दिवस पर अगर मुझे याद आता है तो अपना स्कूली दिन । जहाँ बड़े ही उमंग उत्साह से हम सभी बाल दिवस मनाया करते थे । प्रायः सभी विद्यालयों में निबंध, गीत, कविता, कहानी, और पंडि़त जवाहर लाल नेहरु के व्यक्तित्व को लेकर नाटक प्रस्तुत की जाती थी । बहुत से बच्चें नेहरु शीर्षक से कविताएं लिखा करते थे । अभी की नहीं कह सकती कि विद्यालयों में कैंसे मनाया जाता है बाल दिवस ?
बाल दिवस के तीन चार दिन पहले से ही सभी को जिज्ञासा रहती थी कि इसबार क्या क्या होने वाला है ? भारत की आजादी में उनका अमूल्य योगदान रहा है । नेहरु जी को बच्चों से बहुत प्रेम था ।
कहते हैं भारत में १९५६ से बाल दिवस मनाना शुरु हुआ था और पहले यह २० नवम्बर को मनाया जाता था । लेकिन १९६४ में जब नेहरु जी का निधन हो गया तब संसद ने उनके जन्मदिन को बाल दिवस समारोह के रुप में स्थापित करने का प्रस्ताव जारी किया । उसके बाद से हर वर्ष १४ नवम्बर को ही बाल दिवस मनाया जाता है ।
इसके पीछे भी एक कारण रहा है । कहते हैं कि उन्हें बच्चों से बेहद प्रेम था । वो बच्चों को देश का भविष्य मानते थे । बच्चों से लगाव होने के कारण वो एक खास दिन रखते थे जब वो कहीं कुछ काम नहीं करके केवल और केवल बच्चों से मिलते थें । उनकी बातों को सुना करते थे । बच्चें उन्हें चाचा नेहरु कहकर पुकारते थे । आज भी हम उन्हें इस चाचा नेहरु से संबोधित करते हैं ।


