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न्याय की चाहत में भटकती नेहा चौधरी, पहले प्रेम, फिर विवाह और अब हिंसा तथा सम्बन्धविच्छेद का दर्द

 

जनकपुरधाम।

महोत्तरी औरही की नेहा चौधरी  का काठमांडू के टाइम्स कॉलेज में 11वीं कक्षा में पढ़ने के दौरान महोत्तरी के रामगोपालपुर नगरपालिका-5 के पंकज चौधरी से प्रेम हो गया। पंकज एमबीबीएस डॉक्टर थे। अपने प्यार को जिंदा रखने के लिए उन्होंने अपने घरवालों से शादी के लिए बात की. चूंकि दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे, इसलिए परिवार ने इस रिश्ते को आसानी से स्वीकार कर लिया। नेहा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि उसे वह मिल रहा था जिसे वह प्यार करती थी ।  किन्तु प्रेम विवाह होने के बाद भी नेहा के ससुर राम प्रवेश चौधरी ने शादी के लिए शर्त रखी कि नेहा के परिवार को पंकज की डॉक्टरी की पढ़ाई में लगा सारा खर्च देना होगा । नेहा के मुताबिक पिता सुरेश चौधरी ने पंकज के परिवार को 51 लाख रुपए दिए।

इनकी फागुन ६ गते २०७७ में सगाई हुई और फिर एकक वर्ष के बादद फागुन २५ गते २०७८ में शादी ।   जनकपुर के राजदरबार होटल में धुमधाम से शादी का समारोह सम्पन्न हुआ।

नेहा के मुताबिक शादी के लिए 20 तोला सोना, टीवी, दराज का फर्नीचर आदि देने पर करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये खर्च किए गए।

ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले सुरेश अपनी बेटी की शादी में करोड़ों खर्च करने की स्थिति में नहीं थे। लेकिन जब उसकी बेटी ने उसे बताया कि वह उसे पसंद करती है और प्यार करती है, तो उसने शादी का खर्च उठाने के लिए एक घर और दो भूखंड जमीन बेच दी। शादी के लिए दी गई नकदी और सरसमान पंकज के परिवार की इच्छा के अनुसार थी।

शादी में करोड़ों रुपये से ज्यादा खर्च होने के बावजूद नेहा और पंकज बेहद खुश थे। उनका तीन साल का सपना साकार हो गया था । नेहा खुश थी कि उसे एक सम्पन्न परिवार मिला था । पति एमबीबीएस  डॉक्टर। काठमांडू के प्रसिद्ध अस्पतालों ग्रैंडी और नोरविक में कार्यरत। खाता पीता खानदान और उसे क्या चाहिए था ।

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शादी के दो महीने तक परिवार और पंकज का व्यवहार अच्छा रहा। लेकिन दो महीने बाद ही पंकज के घरवाले नेहा को मानसिक तनाव देने लगे।

शादी के दो महीने बाद सास ससुर अमेरिका चले गए ।  पति काम के लिए काठमांडू लौट आया। शादी से पहले पंकज ने कहा था कि   वह भी अपने पति के साथ काठमांडू में रहेंगी और अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी।

लेकिन जब पंकज काठमांडू लौटा तो उसने नेहा को महोत्तरी में छोड़ दिया। नेहा ने कहा कि समझने की बजाय उसने उसे यह कहकर धमकाया कि ‘मैंने शादी काठमांडू में रहने के लिए नहीं, बल्कि घर पर अपनी मां की देखभाल के लिए की है।’

नेहा पंकज की बहन रेखा के साथ महोत्तरी में रहने लगी। नेहा  बताती है कि रेखा हर दिन उसकी सास और पंकज से उसके बारे में बात करती थी।

पंकज जब घर लौटता तो नेहा उसे भी काठमांडू ले चलने को कहती। लेकिन पंकज उनकी फरमाइश सुनने के बजाय नेहा को गालियां देता था और काठमान्डू में घर खरीदने के लिए नेहा पर दबाब डालता था कि वह अपने माता पिता से बात करे ।

नेहा का कहना है कि घर में रहने के बावजूद ननद और सास उस पर शक करते थे । जब ननद और सास घर पर तनाव करने लगीं, तो उन्होंने अपने पति से फिर से काठमांडू ले जाने का अनुरोध किया और उन्हें कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए कहा। लेकिन नेहा बताती हैं कि पंकज ने उन्हें यह कहते हुए डांटा कि उन्हें पढ़ाई क्यों करनी है। और काठमान्डू में रहना है तो अपने पिता को कहो कि घर खरीद दे ।

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नेहा को मोबाइल चलाने की भी अनुमति नहीं थी । पंकज जब छुट्टी पर घर आता तो  नेहा से ठीक से बात नहीं करता था। मारपीट और प्रताड़ना तथा पंकज की पिटाई से नेहा के पेशाब से खून बहने लगा। लेकिन नेहा ने जब यह बात ककही तो उसकी बात को सास ने हंसी में उडा दिया ।   पंकज ने भी ब्लीडिंग के बारे में  कोई परवाह नहीं की.

उसने कहा कि पंकज और उसकी मां ने नेहा की मां को फोन किया और कहा कि वह उसे घर ले जाए क्योंकि उसकी बेटी पागल हो गई है।

तभी मां और भाई आए और नेहा को मायके ले गए।  जनकपुर के एक अस्पताल में इललाज के लिए वह गई। नेहा का कहना है कि हालांकि डॉक्टर ने इलाज के लिए एक हफ्ते तक अस्पताल में रहने की सलाह दी थी, लेकिन घरवालों के डर से उन्हें भर्ती नहीं किया जा सका । दवा और इंजेक्सन के सेवन से वह जिन्दा है । नेहा का कहना है कि” पंकज और उसके परिवार उसे पागल साबित करना चाहते हैं । नेहा को ससुराल में रहने नहीं दिया जा रहा । न उसे दवा खाने ददिया गया । मारपीट से परेशान नेहा हार कर अब सबके सामने आई है और न्याय की गुहार लगा रही है ।

न्याय के लिए वह पुलिस के पास गई और  पंकज के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई ।

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जिला पुलिस कार्यालय के पुलिस अधीक्षक एसपी कृष्णा पांगेनी ने बताया कि नेहा ने पंकज के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी. घरेलू हिंसा का मामला दर्ज होने के बाद हमने पंकज को दो दिनों तक हिरासत में रखा.  उन्होंने कहा, ‘लड़की का पक्ष सुलह के लिए तैयार है, लेकिन पंकज और उसके परिवार ने इसे स्वीकार नहीं किया।’

जेल से छूटने के बाद पंकज ने कोर्ट में तलाक का केस फाइल कर दिया। नेहा ने पंकज के खिलाफ आंशिक मामला भी दर्ज कराया था। हालांकि, नेहा के केस दर्ज करने से पहले नेहा का कहना है कि पंकज के पिता ने सारी संपत्ति अपनी बेटियों के नाम ट्रांसफर कर दी थी.

मैंने संपत्ति के लालच में मामला दर्ज नहीं कराया। मैं यहां तक ​​तब पहुंची हूं जब कोई दूसरा विकल्प नहीं है”, नेहा कहती हैं।

नेहा का सपना था कि वह पढ़ाई करे और बैंक में नौकरी करे। लेकिन अब उनकी पढ़ने की इच्छा पूरी नहीं हो पाई है। न ही उस व्यक्ति के साथ एक खूबसूरत दुनिया जीने  का ही जिसे वह प्यार करती थी ।

नेहा ने शुक्रवार रात 11.30 बजे फेसबुक पर एक लंबा स्टेटस लिखकर अपने साथ अन्याय होने की बात कही, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

पंकज ने दावा किया है कि नेहा के आरोप के मुताबिक घटना नहीं हुई। उसका कहना है कि, ‘नेहा ने जो बाहर कहा, घटना वैसी नहीं हई है जैसा फेसबुक पर लिखा है, मामला कोर्ट में और पुलिस में चल रहा है ।

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