जनमत पार्टी का चर्चित चेहरा अब्दुल खान सांसद बने

नेपाल के बर्दिया जिले में स्थाई रुप में रहने वाले अब्दुल खान,अपने माता पिता के सब छोटे सन्तान हैं । परिवार गरीब अशिक्षित होने के कारण उनकी शिक्षा गावं के ही सरकारी विद्यालय से ही शुरु हुई ।पढ़ने में अव्वल दर्जे के थे । उन्होंने बर्दिया जिला,कैलाली जिला और काठमांडू तक उच्च शिक्षा हासिल किया । कहते हैं राजनीति में बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं थी उनकी लेकिन खान सन् २००९ में अमेरिका में वैज्ञानिक रहे डॉ.सी.के. राउत के बाल्यकाल बुद्ध नामक डकुमेन्ट्री से प्रभावित हुए और उनके साथ स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन नामक संगठन खोलकर नेपाल के मधेशियाें के आजादी के लिए जागृति अभियान शुरु किया । डॉ. राउत के सहयोगी बनकर पूरे मधेसी ईलाकाें में संगठन निर्माण में लग गए । सन २०११ में वह संगठन के प्रवक्ता बने और देश– विदेश में प्रचार करने लगे । नेपाल सरकार ने संगठन पर प्रतिबन्ध लगाया और सभी को गिरफ्तार करने लगा । उस दौरान खान के उपर देश द्रोह जैसे खतरनाक मुकदमें चलाया गया । अनेकन यातनाएं दी जाने लगी पर जिद्दी और जुनूनी खान भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी भगत सिहं और अस्फाकुल्ला खान से प्रभावित होने के कारण वह कभी नहीं रुके, चलते रहे । सन २०१८ में नेपाल सरकार और स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन से सुलह हुई उसके पश्चात जनमत पार्टी का गठन हुआ और सन् २०२० में पार्टी का महाधिवेशन हुआ । उस में खान अत्यधिक मत प्राप्त कर डॉ.राउत के बाद दूसरे नम्बर अर्थात पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने फिर खुले रुप में नेपाल के मेची महाकाली तक संगठन निर्माण में अहम किरदार निभाने वाले खान ने अपने भाषणाें से लोगों का दिल जीत लिया । हजारों युवा उनसे प्रभावित हुए वही सामान्य और कमजोर खान आज जनमत पार्टी से नेपाल के सांसद पद पर पहुँचने में कामयाब हुए हैं ।

