दो तिहाई बहुमत के साथ प्रदेश १ का नाम कोशी पारित
काठमांडू, १७ फागुन –
संघीयता के ५ वर्ष लम्बे अभ्यास के बाद प्रदेश १ का नाम तय हो गया । प्रदेश सभा ने दो तिहाई बहुमत के साथ प्रदेश का नाम कोशी रखने का प्रस्ताव पास किया है ।
बुधवार की शाम हुए मतदान में कोशी के पक्ष में ८२ मत डाला गया । सत्तारुढ नेकपा एमाले, माओवादी केन्द्र, और राप्रपा तथा प्रमुख प्रतिपक्षी नेपाली कांग्रेस के प्रदेशसभा सदस्यों ने कोशी के पक्ष में मतदान किया । विपक्ष में केवल ४ मत डाले गए । एकीकृत समाजवादी के चार सदस्यों ने विपक्ष में मत डाला ।
कोशी के विपक्षमा रहने वाली जनता समाजवादी पार्टी के एक मात्र प्रदेशसभा सदस्य एवं मन्त्री निर्मला लिम्बु मतदान नहीं कर पाए । मतदान प्रक्रिया शुरु होने के समय वो बाहर थे और उस समय प्रदेशसभा का दरवाजा बंद हो चुका था ।
प्रदेश की राजधानी तो पहले ही कार्यकाल में तय कर लिया गया था । २३ वैशाख २०७६ में प्रदेशसभा ने स्थायी राजधानी विराटनगर तय कर लिया था । नाम में सहमति नहीं हो पाई थी । दलों के बीच सहमति नहीं होने के कारण ही प्रदेशसभा में प्रस्ताव ही नहीं गया ।
बांकी ६ प्रदेशों ने नामाकरण होने के बाद भी प्रदेश १ के प्रदेशसभा ने अपने पहले कार्यकाल में प्रदेश का नाम नहीं दे पाई ।
इस बार नेकपा एमाले और नेपाली कांग्रेस के मिलने के बाद कोशी नाम अनुमोदन हुआ ।
९३ सदस्यीय प्रदेशसभा में नामकारण के लिए दो तिहाई अर्थात ६३ प्रदेशसभा सदस्य चाहिए । प्रदेशसभा के सबसे बड़े दल एमाले के ४० प्रदेशसभा सदस्य हैं तो वही दूसरे दल कांग्रेस के २९ । दोनों के मिलने से ही नाम पास हुआ ।

