संविधान को आवश्यकता अनुसार बदला भी जा सकता है–राजेन्द्र लिङ्देन
काठमांडू, २० फागुन
राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के अध्यक्ष राजेन्द्र लिङ्देन ने कहा है कि संविधान में आवश्यकता अनुसार बदला और खारिज किया जा सकता है । र उन्होंने कहा कि
उन्होंने मौजूदा गठबंधन को ‘उलटा गठबंधन’ बताया और कहा कि यह संविधान की रक्षा के लिए नहीं बल्कि देश और जनता के हितों की रक्षा के लिए गठबंधन होना चाहिए ।
लिङ्देन ने सामाजिक सञ्जाल में लिखा है कि ‘संविधान गीता,बाइबल,कुरान जैसे अपरिवर्तनीय नहीं है । संविधान को आवश्यकता अनुसार बदला भी जा सकता है और जो जरुरी नहीं है उसे फेंका भी जा सकता है । दलों को संविधान की रक्षा से ज्यादा देश और जनता के हितों की रक्षा के लिए गठबन्धन करना चाहिए लेकिन सबकुछ उल्टा हो रहा है । उन्होंने लिखा है –‘सन्दर्भ संविधान की रक्षा के लिए गठबन्धन !’


