इण्डो-नेपाल डाक्टर्स फोरम की पहल पर एक लाचार रोगी की आशा जगी
जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर।वेटा की इलाज में सारी संपत्ति बेच दी। लाखों का ऋण से दवा है लेकिन बाप आखिर बाप होता है।वे हिम्मत नहीं हारते हैं।यह दर्द भरी कहानी है महोतरी जिला लोहारपट्टी नगरपालिका वार्ड 9खुट्टा पिपराढी गांव केबीन टोल निवासी उतिममान मुखिया की है।उनके मंझला लड़का राम नाथ मुखिया जव 12साल के थे उन्हें हार्मोन संबंधी बीमारी से ग्रस्त हो गया।उनका शरीर बैलून की तरह फूल गया।शरीर में ताकत खत्म हो गयी। उत्तिम लाल मुखिया नेपाल से लेकर भारत के बड़े बड़े डाक्टरों से दिखाये।अंत में आल इण्डिया मेडिकल साइंस दिल्ली में इलाज रत है।इलाज के चक्कर में तीन बीघा जमीन बेच दिए,लाखों का कर्ज से दवे है।आल इण्डिया मेडिकल साइंस में डाक्टरों तीन महीने पर सूई लेने को कहा है।एक सूई की कीमत 12हजार भारू यानी 24हजार नेपाली ।पैसे की तंगी को लेकर वे सूई नहीं ले रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री,सांसद, बिधायक तक दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन कहीं से कोई सहयोग नहीं मिला।जव उसे पता चला कि इण्डो -नेपाल डाक्टर्स फोरम का कार्यक्रम है।वे इण्डो -नेपाल डाक्टर्स फोरम के कार्यकारी अध्यक्ष पी.के.चौधरी से संपर्क किए। इण्डो -नेपाल डाक्टर्स फोरम ने दिलचस्पी लीं।उनके इलाज के लिए मुज्जफरपुर के सांसद अजय निषाद सक्रिय हैं।इण्डो -नेपाल डाक्टर्स फोरम की टीम ने भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज के बाणिज्य महादूत श्री नितेश कुमार से मिले, नितेश कुमार ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक के नाम से पत्र लिखकर फ्री में सूई लेने का आग्रह किया है।संभवत उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान उसे फ्री में सूई उपलब्ध कराने की सहमति जताई है। इधर अजय निषाद भी अपने संसदीय कोष तथा प्रधानमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने में अग्रसर है। अगर उसे सूई मुफ्त मिल गया तो इण्डो -नेपाल डाक्टर्स फोरम की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। उत्तिम मान मुखिया ने कहा कि इण्डो -नेपाल डाक्टर्स के प्रति मैं ऋणि हूं जो इतना प्रयास कर रहा है।

